कैथल में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत, जांच शुरू

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कैथल में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत, जांच शुरू


कैथल, 10 अगस्त (हि.स.)। जिले में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों महिलाओं की डिलीवरी गांव करोड़ा और किठाना स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में हुई थी। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला नागरिक अस्पताल रेफर किया गया। यहां चिकित्सकों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन एक महिला की रविवार दोपहर और दूसरी की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों महिलाओं की यह दूसरी डिलीवरी थी।

महिलाओं की मौत की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। परिजन शवों का पोस्टमार्टम करवाए बिना ही उन्हें अपने साथ ले गए। एक ही दिन में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत की घटना ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के दौरान उपलब्ध सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ा और किठाना स्वास्थ्य केंद्र में दोनों महिलाओं का प्रसव कराया गया था। प्रसव के बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति सामने आई। इसके बाद उन्हें जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया। नागरिक अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही। काफी प्रयासों के बावजूद दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मौतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी यह पता लगाएगी कि प्रसव के दौरान और उसके बाद महिलाओं को किस स्तर पर उपचार मिला, उन्हें स्वास्थ्य केंद्र से नागरिक अस्पताल रेफर करने में कितना समय लगा और उपचार में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।

जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि करोड़ा और किठाना में दोनों महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला नागरिक अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

उन्होंने बताया कि दोनों मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।

संबंधित पीएचसी और सीएचसी के स्टाफ, आशा वर्कर और पीड़ित परिवार के सदस्यों को शामिल कर पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। महिलाओं की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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