जींद : पांच दिन बैंकिंग की मांग को लेकर बैंक कर्मी रहे हड़ताल पर
जींद, 11 सितंबर (हि.स.)। पांच दिन बैंकिंग की मांग को बैंक कर्मियों ने शुक्रवार को लेकर हडताल कर प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर नारेबाजी की। बैंक कर्मियों के हडताल पर रहने के चलते जिलाभर में सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ और 130 से अधिक बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। बैंक कर्मियों की हडताल के चलते उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। अधिकतर एटीएम मशीनें खाली रही और कैश के लिए लोगों को भटकते हुए देखा गया।
विभिन्न बैंकों के कर्मचारी शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर एसोसिएशन के रीजनल सचिव राकेश सांगवान के नेतृत्व में एकत्रित हुए। उन्होंने बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी हड़ताल की मुख्य मांग है कि पांच दिन बैंकिंग की मांग को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मांग उनकी कोई नई मांग नहीं है। 2012 से कर्मचारी इसकी मांग करते आ रहे हैं। 2015 में भी सरकार के साथ इस मांग को लेकर बातचीत हुई। उनकी मांग को इस बार के वेतन समझौते में जो एक नवंबर 2022 से लागू है, उनमें इन प्रिसिंपल एग्रीड और डोक्यूमेंटिड है। वेतन समझौते में स्वीकार होने के बावजूद सरकार उदासनी रवैया अपनाए हुए है और जानबूझ कर उनकी फाइव डे बैंकिंग की मांग को पूरा नहीं कर रही।
उनकी इस हड़ताल से यही मांग है कि फाइव डे बैंकिंग को लागू किया जाए ताकि जो बैंक कर्मचारी हैं, उनका वर्क लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बना रहे। डिजिटल माध्यम, एटीएम माध्यम से, मोबाइल बैंकिंग सही सभी सुविधाएं ऑनलाइन होने के बाद फाइव डे बैंकिंग बहुत जरूरी है। इसे लागू करने पर आमजन को कोई असुविधा भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के अन्य विभागों में फाइव डे वर्किंग नियम लागू है तो बैंकिंग सेक्टर में भी यह नियम लागू करना चाहिए लेकिन केंद्र सरकार जानबूझकर उनकी मांग को लागू नहीं कर रही है। लीड बैंक मैनेजर अनुपम मरांडी ने कहा कि फाइव डे बैंकिंग की मांग को लेकर जिलेभर के अलग-अलग बैंकों की शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। इस कारण बैंकों में काफी लेनदेन प्रभावित रहा। सोमवार से सभी बैंक कर्मचारी काम पर लौट लाएंगे। इससे लोगों के काम सुचारू रूप से हो पाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

