यमुनानगर : उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहन बिना रोजगार संकट दूर नहीं होगा : बजरंग गर्ग
यमुनानगर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सशक्त बनाने और उद्योगों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर मंथन के उद्देश्य से यमुनानगर में व्यापारी प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने की। इसमें उद्योगों के विकास, ऊर्जा लागत और रोजगार सृजन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग दास गर्ग ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक मजबूती व्यापार और उद्योगों की प्रगति पर निर्भर करती है। यदि औद्योगिक इकाइयों को अनुकूल माहौल नहीं मिलेगा तो रोजगार के अवसर भी सीमित होते जाएंगे। उन्होंने कहा कि यमुनानगर प्लाईवुड उद्योग के लिए देशभर में पहचान रखता है, जबकि पानीपत वस्त्र उद्योग और बहादुरगढ़ फुटवियर उत्पादन के प्रमुख केंद्रों के रूप में स्थापित हैं। इन क्षेत्रों को मजबूत करना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने उद्योगों पर बढ़ते बिजली खर्च को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि बिजली बिलों में फिक्स चार्ज बढ़ाने से उद्यमियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। सरकार को उद्योगों के लिए बिजली दरों में राहत देते हुए कम से कम 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए तथा फिक्स चार्ज व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि उपभोक्ता जितनी बिजली उपयोग करे, भुगतान भी उसी के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष पैकेज देकर बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इससे महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन भी कम होगा।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भी उद्योगों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं और समाधान संबंधी सुझाव रखे। उपस्थित सदस्यों ने सरकार से व्यापार-अनुकूल नीतियां लागू करने की मांग दोहराई, ताकि हरियाणा में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

