जींद : निजीकरण के खिलाफ गरजे बिजली कर्मचारी व अधिकारी

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जींद : निजीकरण के खिलाफ गरजे बिजली कर्मचारी व अधिकारी


जींद, 29 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बिजली क्षेत्र में निजीकरण के विरोध तथा कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बिजली निगम कर्मचारी गोहाना रोड से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से धर्मबीर भंभेवा, इंजीनियर जोगिंदर कौशिक और सुनील छाछिया तथा मंच संचालन सर्किल सचिव अनिल पूनिया ने की। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा सरकार को डीसी के माध्यम से ज्ञापन देकर यह चेताना है कि सरकार के पास कर्मचारियों और अधिकारीयों की मांगों का डिमांड चार्टर कई दिन पहले से ही यूनियन डेलीगेट दोबारा दिाया गया है। वह डिमांड अभी तक सरकार ने पूरी नहीं की है। ऊपर से गुडग़ांव और नूंह जिले की सरकारी बिजली वितरण प्रणाली के साथ-साथ ही अडानी और अंबानी के साथ पावर 11 प्राइवेट कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस दिया जा रहा है तथा एग्रीकल्चर पावर सप्लाई की भी नई डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बना कर बिजली बोर्ड को प्राइवेट करने की तैयारी पिछले दरवाजे से सरकार कर रही है।

सभी कर्मचारी एवं अधिकारी 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे। यदि इस अवधि से पूर्व हमारी मांगों पर सहानुभूति विचार कर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी औद्योगिक अशांति की पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी। यदि सरकार द्वारा कृषि डिस्कॉम के गठन से संबंधित कोई भी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है तो इन मागों के ज्ञापन को ही नोटिस समझा जाए तथा संपूर्ण अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि एग्री डिस्काम एवं गुडग़ांव और नूंह में जो अडानी अंबानी को परमिट दिया जा रहा है, बिजली वितरण का वह तुरंत प्रभाव से रद्द हो और हमारी बाकी की जितनी मांगे हैं उनके ऊपर बैठकर साहनीभूती पूर्ण विचार किया जाए और इन मांगों को कर्मचारियों के हित में लागू किया जाए। अगर एग्री डिस्काउंट और प्राइवेट लाइसेंस को रद्द नहीं किया तो आने वाले समय में यह हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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