हिसार : कुलपति कार्यालय में की गई तोड़फोड़ दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय : प्रो. नरसी राम बिश्नोई
पूर्व में किए कार्यक्रम
में की गई तोड़फोड़, अभी तक नहीं भरा जुर्माना
प्रर्दशन में थे
बाहरी लोग, कार्रवाई करेगा विश्वविद्यालय प्रशासन
हिसार, 16 अप्रैल
(हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी
राम बिश्नोई ने विश्वविद्यालय में जजपा नेता दिग्विजय चौटाला की मौजूदगी में इनसो कार्यकर्ताओं
द्वारा कुलपति कार्यालय में की गई तोड़-फोड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा
कि यह कार्य अत्यंत निंदनीय है। कुलपति ने कहा कि विगत वर्षों में गुजविप्रौवि ने राष्ट्रीय
तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान बनाई है। इस प्रकार की घटनाओं से विश्वविद्यालय
की पहचान व गरिमा को नुकसान पहुंचता है, साथ ही यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी
नुकसान होता है।
प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरुवार काे बताया
कि 5 अगस्त 2019 को इनसो के हरेन्द्र बेनीवाल द्वारा विश्वविद्यालय के सीआरएस सभागार
के मेन हाॅल को इनसो का फाउंडेशन डे मनाने के लिए लिया गया था। उस दिन सभागार में काफी
नुकसान हुआ था। मामले की जांच के लिए तत्कालीन कुलपति, कुलसचिव, प्रॉक्टर तथा डीएसडब्लू
सहित पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने विश्वविद्यालय के नियमानुसार
उस समय तोड़फोड़ की भरपाई के लिए एक लाख रूपये जुर्माना लगाया गया था, जो नहीं दिया गया।
यह भी कारण था कि आगे किसी कार्यक्रम के लिए इनसो को विश्वविद्यालय द्वारा सभागार नियमानुसार
तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक उनके द्वारा जुर्माने की यह राशि अदा न की जाए। इसके
अतिरिक्त विश्विद्यालय में इन दिनों कार्यक्रम भी चल रहे हैं। सभागार पहले से बुक था।
जुर्माना राशि वाले मुद्दे के साथ साथ इस संबंध में भी अवगत करवा दिया गया था।
यह भी उल्लेखनीय
है कि आज का इनका कार्यक्रम यादव धर्मशाला में था। विश्वविद्यालय में ये जबरन घुसे।
विश्विद्यालय में आने के सम्बन्ध में विश्विद्यालय को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।
यह अत्यंत अमर्यादित एवं अलोकतांत्रिक व्यवहार था। कुलपति ने बताया कि दिग्विजय चौटाला
एवं उनके समर्थकों ने जबरन कार्यालय का घेराव कर विश्वविद्यालय की मर्यादा और अनुशासन
का उल्लंघन किया है। कुलपति ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग गुंडागर्दी करने
पहुंचे थे। वे कोई डिमांड तक देकर नहीं गए हैं।
कुलपति ने कहा कि
काफी संख्या में बाहरी लोग थे और इन्होंने विश्वविद्यालय में अव्यवस्था फैलाने के उद्देश्य
से तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि यह कृत्य विश्वविद्यलाय के नियमों और अनुशासन के विरूद्ध
है। किसी भी तरह की मांग इस तरीके से नहीं रखी जाती। इस संबंध में विश्विद्यालय गंभीरता
से संज्ञान लेगा तथा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

