हिसार : समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस पर भाजपा सरकार की भूमिका निंदनीय : प्रो. संपत सिंह

WhatsApp Channel Join Now
हिसार : समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस पर भाजपा सरकार की भूमिका निंदनीय : प्रो. संपत सिंह


सरकार धारा 108 के तहत नियामक आयोग को दे नीतिगत निर्देश

उपभोक्ताओं, किसानों और सरकारी बिजली निगमों के हितों की हो रक्षा

हिसार, 24 अक्टूबर (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व वित्त मंत्री

प्रो. संपत सिंह ने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के मामले में भाजपा सरकार की भूमिका

पर सवाल उठाते हुए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और बिजली

मंत्री के सरकार द्वारा इस व्यवस्था का विरोध करने के दावों के बावजूद, हरियाणा विद्युत

नियामक आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने न तो कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई और न ही प्रस्ताव

का स्पष्ट विरोध किया।

अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में प्रो. संपत सिंह ने शनिवार काे कहा कि वे इस मामले

की पूरी कार्रवाई के दौरान स्वयं उपस्थित रहे हैं। उनके अनुसार, आयोग के समक्ष बिजली

वितरण कंपनियों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन राज्य सरकार और सरकारी बिजली वितरण

निगमों को एक समान मानना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्य विपक्षी कांग्रेस की भूमिका

पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने भी आयोग के समक्ष कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई

और न ही कार्यवाही में भाग लिया। प्रो. सिंह ने चिंता जताई कि नियामक आयोग के फैसले से गुरुग्राम और नूंह में

समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस का रास्ता खुल गया है। उनके अनुसार, इससे हरियाणा के

सरकारी बिजली वितरण निगमों के भविष्य और वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के अधिक मुनाफे वाले

उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ सकती हैं, जबकि सरकारी बिजली निगमों पर बिजली नेटवर्क

के रखरखाव, गांवों तक बिजली पहुंचाने, कृषि क्षेत्र को आपूर्ति करने तथा गरीब और कमजोर

वर्गों को राहत देने के लिए क्रॉस-सब्सिडी का भार बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि इस पूरे

विवाद के बीच बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल से औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित

हुई हैं। औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति बाधित होने, तकनीकी खराबियों को दूर करने

में देरी और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों तथा आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना

करना पड़ा है। प्रो. सिंह के अनुसार, हड़ताल के कारण हरियाणा को हजारों करोड़ रुपये

का आर्थिक नुकसान हो चुका है। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि बिजली जनता की जीवनरेखा और आर्थिक गतिविधियों की

रीढ़ है। ऐसे में सरकार को इस मामले में शीघ्र कदम उठाने चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं, उद्योगों,

कर्मचारियों और इंजीनियरों को हो रही परेशानियों का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा

कि बिजली क्षेत्र से जुड़े विवाद को लंबा खींचने के बजाय सरकार को जनहित में ठोस पहल

करनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766080 Articles

Share this story