सिरसा: विपक्ष ने युवाओं को भडक़ाया, सवाल उठाने वाले अपने गिरेबां में झांके: मुख्यमंत्री

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सिरसा: विपक्ष ने युवाओं को भडक़ाया, सवाल उठाने वाले अपने गिरेबां में झांके: मुख्यमंत्री


सिरसा, 23 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष युवाओं को भडक़ा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा धरना छात्रों और युवाओं का नहीं बल्कि विपक्ष का तांडव है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को सिरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दल पहले अपने गिरेबान में झांके कि उनके शासनकाल में युवाओं के साथ कितना विश्वासघात हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सीईटी और नीट की परीक्षा के दौरान कोई परेशानी नहीं आई और यातायात की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। विपक्ष ने युवाओं को भडक़ाने व बरगलाने का काम किया है, लेकिन सरकार गंभीरता से युवाओं के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का किन्नू ऐसा पहला फल है जिसे जीआई टैग मिला है। इस जीआई टैग से सिरसा के किन्नू की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे किन्नू के उत्पादन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए इस पहचान को बरकरार रखें। जीआई टैग से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों को जीआई टैग मिलने पर बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने सिरसा के किन्नू को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बड़ागुढ़ा के प्रगतिशील किसान निखिल मेहता, ऐलनाबाद के प्रगतिशील किसान मनोज कुमार, डबवाली के प्रगतिशील किसान कृष्ण कुमार तथा एचडीओ सीमा कंबोज को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की।

जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सिरसा का किन्नू हरियाणा राज्य का पहला स्वतंत्र जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पाद बन गया है। इससे पहले बासमती और फुलकारी को संयुक्त रूप से जीआई टैग प्राप्त था, लेकिन सिरसा किन्नू ने हरियाणा की विशिष्ट कृषि उपज के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। दीन मोहम्मद ने बताया कि अब तक स्वतंत्र जीआई टैग नहीं होने के कारण सिरसा का किन्नू अन्य राज्यों के किन्नू के साथ मिश्रित होकर बिकता था, जिससे किसानों को उनकी गुणवत्तापूर्ण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब स्वतंत्र जीआई टैग मिलने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी और सिरसा किन्नू की ब्रांड वैल्यू भी मजबूत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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