हिसार : तालाब में डूबने से महिला सरपंच के इकलौते बेटे की मौत
बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र था प्रिंस
हिसार, 17 जुलाई (हि.स.)। नारनौंद उपमंडल के गांव
बुडाना में एक दर्दनाक हादसे में महिला सरपंच के इकलौते बेटे की तालाब में डूबने से
मौत हो गई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय प्रिंस के रूप में हुई है, जो बीएससी एग्रीकल्चर
का छात्र था। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर
परिजनों को सौंप दिया है और मामले की सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव बुडाना की सरपंच सरिता
और उनके पति अनिल कुमार का इकलौता बेटा प्रिंस एक शिक्षण संस्थान से बीएससी एग्रीकल्चर
की पढ़ाई कर रहा था। वह दो दिन पहले ही छुट्टियों में घर आया था। बताया गया है कि गुरुवार
रात करीब नौ बजे प्रिंस के मोबाइल पर एक कॉल आई। वह फोन पर बात करते हुए घर से बाहर
निकला और घर के पास स्थित तालाब की ओर चला गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों
ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर लगातार कॉल करने के बावजूद किसी ने फोन नहीं उठाया।
इसी दौरान एक पड़ोसी ने बताया कि उसने प्रिंस को तालाब की दीवार के पास खड़ा देखा था।
परिजन जब तालाब के पास पहुंचे तो मोबाइल फोन की
लाइट जलती हुई दिखाई दी। वहां प्रिंस का मोबाइल फोन और एक चप्पल दीवार के पास पड़ी
मिली। इसके बाद अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों की मदद से रात में ही तालाब में
तलाशी अभियान शुरू किया गया। लगभग 20 मिनट की मशक्कत के बाद तालाब की दलदल में प्रिंस
का शव मिला। उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच
के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस
ने परिजनों के बयान के आधार पर इत्फाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया
है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी एक छोटी बहन है। इस हृदयविदारक
घटना से गांव बुडाना में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार
को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

