हिसार : बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को विशेष स्वच्छता अधिकारी ने किया प्लांट का निरीक्षण

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हिसार : बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को विशेष स्वच्छता अधिकारी ने किया प्लांट का निरीक्षण


गहनता से जांची एजेंसी की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों, कचरे के संग्रहण,

छंटाई और निस्तारण की प्रक्रिया

हिसार, 20 जनवरी (हि.स.)। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने

तथा ब्लक वेस्ट जनरेटर और बायो मेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के

उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अधिकारी हरबीर सिंह ने कचरा निस्तारण करने वाली एजेंसियों

के प्लांट का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण शहर में उत्पन्न हो रहे विभिन्न प्रकार के

कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया को परखने के लिए किया गया। इस दौरान

सीटीएल प्रदीप जाखड़ व तकनीकी एक्सपर्ट जसबीर कुंडू भी मौजूद रहे।

विशेष स्वच्छता अधिकारी हरबीर सिंह ने मंगलवार काे बताया कि सेक्टर 27-28 में स्थित सनरजी

एजेंसी द्वारा शहर के विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों से आने

वाले बायो मेडिकल वेस्ट को एकत्रित कर उसका निस्तारण करती है। उन्होंने एजेंसी की कार्यप्रणाली,

सुरक्षा मानकों, कचरे के संग्रहण, छंटाई और निस्तारण की प्रक्रिया का गहनता से जायजा

लिया गया।

इसके अलावा स्वच्छता विशेष अधिकारी ने शहर के ब्लक वेस्ट जरनेटरों के कचरे

का निस्तारण करने वाली एजेंसी के प्लांट का भी निरीक्षण किया। ब्लक वेस्ट जनरेटर में

सिनेमा हॉल, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य संस्थान शामिल

हैं, जहां से बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया

कि एजेंसी द्वारा कचरे की छंटाई का कार्य किया जा रहा है तथा इसके लिए आवश्यक ढांचा

तैयार किया जा चुका है। एजेंसी द्वारा पिट का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है और शीघ्र

ही प्लांट में नियमित रूप से कचरा निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

विशेष स्वच्छता अधिकारी हरबीर सिंह ने बायो मेडिकल वेस्ट जनरेटर करने वाले

सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए कि वे कचरे को निर्धारित डस्टबिन

में ही डालें। उन्होंने कहा कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले डस्टबिन में सूखा कचरा,

पीले डस्टबिन में सेनेटरी कचरा तथा काले डस्टबिन में हानिकारक कचरा डालना अनिवार्य

रूप से सुनिश्चित किया जाए।

इसी प्रकार ब्लक वेस्ट जनरेटर को भी निर्देशित किया गया कि उनके संस्थान या

प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को चारों श्रेणियों में अलग-अलग एकत्रित किया जाए।

उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) करने से निस्तारण

की प्रक्रिया आसान होती है और पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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