सद्वभाव यात्रा के समापन में नही पहुंचे हुड्डा व समर्थक, मामला हाईकमान के पास
रोहतक, 24 मई (हि.स.)। कांग्रेस के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्वभाव यात्रा के समापन पर रोहतक में पूर्व सीएम हुड्डा सहित चारों विधायकों व अन्य पदाधिकारियों का शामिल न होने का मामला हाईकमान तक जा पहुंचा है। जबकि यात्रा में शामिल होने के लिए पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने पूर्व सीएम हुड्डा को चिट्ठी तक लिखी थी। यात्रा में रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी शामिल नहीं हुए थे, जिसको लेकर अब चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रा को निजी बताने के सवाल पर पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह कहते है कि आखिर कांग्रेस यात्रा कौनसी होगी, उन्हें समझाया जाए, जबकि गुरुग्राम में इस यात्रा में राहुल गांधी तक शामिल हुए है।
चर्चा है कि यात्रा में गुटबाजी को लेकर जवाबदेही हो सकती है। प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए करीब 13 हजार किलोमीटर चली पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सद्वभाव यात्रा के समापन पर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा गुट का नदारद रहना कांग्रेस की एकता पर बड़ा सवाल उठाती है।
सद्भाव यात्रा करने वाले कांग्रेस के कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने माना कि कांग्रेस में फूट है इस यात्रा से कुछ लोगों को दर्द था, उन्होंने कहा कि जब बंद मुट्ठी खुलता है तो दर्द होता है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह ना तो एमएलए है ना एमपी हैं जो लोग कई कई बार एमपी एमएलए बन चुके मंत्री रह चुके वह उनकी यात्रा में क्यों आएंगे। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने खुलकर कहा कि यह यात्रा उनकी निजी यात्रा नहीं थी, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की इजाजत पर शुरू की गई थी, जो हर रोज उनकी यात्रा की रिपोर्ट लेते रहते थे। गुरुग्राम में राहुल गांधी ने यात्रा का मंच साझा किया तो उनका हौसला बढ़ा और राहुल गांधी के आने के बाद यह सवाल पूछना वाजिब नहीं है कि यह कांग्रेस की यात्रा है या नहीं। रोहतक में कांग्रेस के चार विधायक हैं और भूपेंद्र हुड्डा का यह गृह जिला है फिर भी वह यात्रा में शामिल नहीं हुए। जबकि पूर्व सीएम को यात्रा में शामिल होने को लेकर पत्र लिखकर उन्हें निमंत्रण भेजा था। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह इशारों- इशारों में कह दिया कि कांग्रेस में गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण भारतीय जनता पार्टी का डर हो सकता है। मसद्वभाव यात्रा के समापन कार्यक्रम में चारों विधायकों व अन्य पदाधिकारियों के शामिल न होने को लेकर अब हाईकमान ने इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

