हांसी : पानी की मांग पर अनशन कर रहे दो ग्रामीणों की तबियत गंभीर,बीपी व शुगर स्तर चिंताजनक

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हांसी : पानी की मांग पर अनशन कर रहे दो ग्रामीणों की तबियत गंभीर,बीपी व शुगर स्तर चिंताजनक


पानी की मांग पर आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारियों

की सेहत का रिपोर्ट कार्ड

हांसी, 20 जून (हि.स.)। बरवाला रोड़ स्थित चानौत

गांव में पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर पिछले 36 दिन से चल रहे आंदोलन के बीच 11 दिन

से आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा

रही है। चिकित्सकों किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में कई अनशनकारियों के रक्तचाप और ब्लड

शुगर के स्तर में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्रामीणों और आंदोलनकारियों की चिंता बढ़

गई है।

स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट के अनुसार शनिवार काे अनशनकारी टेकराम

का रक्तचाप 132/79 तथा ब्लड शुगर 98 दर्ज की गई, वहीं जयनारायण का रक्तचाप 108/87 और

ब्लड शुगर 98 पाई गई। रिपोर्ट में बलवान का रक्तचाप 146/82 दर्ज किया गया, जो सामान्य

स्तर से अधिक माना जा रहा है, जबकि उनकी ब्लड शुगर 81 रही। दूसरी ओर राजकुमार का रक्तचाप

97/68 तक पहुंच गया, जो सामान्य से कम है। इसके अलावा दिलबाग का रक्तचाप 102/62 तथा

ब्लड शुगर 65 दर्ज की गई, और उसे दो दिन से उल्टी आने की शिकायत है जो चिकित्सकीय दृष्टि

से चिंताजनक मानी जा रही है। धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कई

दिनों से लगातार अनशन पर बैठे बुजुर्गों की शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है, लेकिन

इसके बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान

निकालने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी अनशनकारी की तबीयत और बिगड़ती है तो इसकी

पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

ज्ञात रहे कि चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर

ग्रामीण पिछले 36 दिनों से धरना दे रहे हैं और सरकार की ओर से विधायक विनोद भयाना केबिनेट

मंत्री महिपाल ढांडा तथा रणवीर सिंह गंगवा सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई दौर

की वार्ता हो चुकी हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा गांव की पेयजल समस्या के समाधान के

लिए गांव के लिए भाखड़ा नहर से स्पेशल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन

ग्रामीण शहर के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन में टी लगाकर गांव को पानी देने की मांग

कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस लाइन से कनेक्शन दिए जाने पर गांव की पेयजल

समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

उधर, प्रशासन की ओर से अनशन पर बैठे अनशनकारियों

की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन

और आंदोलनकारियों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। अनशनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य

स्थिति के बीच आंदोलन और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति भी बनी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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