हरियाणा में सड़क किनारे 4222 निष्क्रिय बिजली खंभे हटाए, 2221 अब भी बाकी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएचबीवीएन और यूएचबीवीएन ने तेज किया अभियान
31 दिसंबर तक सभी खंभे हटाने का लक्ष्य
हिसार, 14 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में सड़क किनारे लंबे समय से अनुपयोगी
खड़े बिजली के खंभों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण
निगम (डीएचबीवीएन) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) ने सितंबर 2026
तक चिह्नित 6443 निष्क्रिय खंभों में से 4222 हटा दिए हैं। अभी 2221 खंभे हटाए जाने
बाकी हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मार्च में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के
अनुसार, शेष खंभों को हटाने का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया
गया है।
दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बुधवार काे संबंधित अधिकारियों को लंबित
कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत सड़क किनारे
अनुपयोगी खंभों की पहचान कर उन्हें हटाया जा रहा है। हटाए गए खंभों और संबंधित सामग्री
को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निगम के स्टोर में जमा कराया जा रहा है। इस अभियान
का उद्देश्य सड़क किनारे अनुपयोगी ढांचे को हटाने, बिजली वितरण नेटवर्क को व्यवस्थित
करने और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने में मदद करना है।
डीएचबीवीएन में 1903 खंभे हटाने बाकी
सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, डीएचबीवीएन में 2792 निष्क्रिय खंभे चिह्नित
किए गए थे। इनमें से 889 खंभे हटाए जा चुके हैं, जबकि 1903 खंभे अभी हटाए जाने शेष
हैं। निगम के रेवाड़ी सर्कल में सबसे अधिक काम लंबित है। यहां 11 केवी लाइन के 795
और 33 केवी लाइन के 336 खंभे हटाए जाने बाकी हैं। भिवानी सर्कल में 11 केवी लाइन के
24 और 33 केवी लाइन के 118 खंभे हटाए जाने शेष हैं।
नारनौल सर्कल में 11 केवी लाइन के 39 और 33 केवी लाइन के 208 खंभे हटाने बाकी
हैं। फतेहाबाद में 11 केवी लाइन के 194 खड़े और 9 पड़े खंभों के अलावा 33 केवी लाइन
के 107 खड़े और 6 पड़े खंभे हटाए जाने हैं। गुरुग्राम-1 में 11 केवी लाइन के 7 और जींद
में 5 खंभे हटाने बाकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम-2 और सिरसा
सर्कल में खंभे हटाने का काम पूरा हो चुका है।
यूएचबीवीएन में 91 प्रतिशत काम पूरा
यूएचबीवीएन ने चिह्नित 3,651 निष्क्रिय खंभों में से 3,333 हटा दिए हैं। इस
तरह निगम में करीब 91 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब केवल 318 खंभे हटाए जाने बाकी
हैं। सर्कलवार रिपोर्ट के अनुसार, झज्जर में 33, पानीपत में 22, सोनीपत में 25 और कैथल
में 57 खंभे लंबित हैं। अन्य सर्कलों में भी शेष खंभों को हटाने की कार्रवाई की जानी
है।
रिपोर्ट में रोहतक सर्कल के 33 केवी लाइन के 112 खंभों का भी उल्लेख है, जिनके
भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग किए जाने की संभावना जताई गई है। वहीं, करनाल
में 33 केवी लाइन के 8 खंभों का एलटी लाइन के कार्य में उपयोग किए जाने की जानकारी
दी गई है।
31 दिसंबर तक पूरा करना होगा काम
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मार्च में हुई बैठक में सड़कों के किनारे ऐसे
बिजली खंभों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए थे, जो अब किसी परिचालन उद्देश्य
की पूर्ति नहीं कर रहे हैं। निगमों को जिलेवार विवरण तैयार करने, निष्क्रिय खंभे हटाने
और संबंधित सामग्री को नियमानुसार स्टोर में जमा कराने के लिए कहा गया था।
जनसंपर्क अधिकारी संजय चुघ ने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार दोनों
निगमों में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। चिह्नित 6,443 खंभों में से
4,222 हटाए जा चुके हैं। शेष खंभों को निर्धारित समय-सीमा में हटाने के प्रयास किए
जा रहे हैं, ताकि सड़क किनारे अनुपयोगी बिजली ढांचे को हटाकर सार्वजनिक स्थानों को
अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

