हांसी में ‘महाराजा अरुट द्वार’ का विवाद गहराया, विराेध शुरू
शहीद राजा राव तुलाराम संघर्ष समिति ने जताया विरोध
हांसी, 11 जून (हि.स.)। दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से हांसी शहर
के प्रवेश पर प्रस्तावित ‘महाराजा अरुट द्वार’ को लेकर विवाद गहरा गया है। शहीद राव तुलाराम
संघर्ष समिति ने निर्माण कार्य का विरोध जताते हुए द्वार का नाम शहीद राजा राव तुलाराम
के नाम पर रखने की मांग उठाई।
शहीद राजा राव तुलाराम संघर्ष समिति हांसी व यादव सभा हिसार के प्रधान
एडवोकेट चंद्रभान यादव ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस क्षेत्र में
यदुवंशी समाज की बहुलता है और जहां पहले से राव तुलाराम चौक स्थापित है, वहां ‘महाराजा
अरुट द्वार’ का निर्माण
समाज की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रवेश द्वार का नाम शहीद
राजा राव तुलाराम द्वार रखा जाए।
जिला परिषद सदस्य यादवेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विधायक
विनोद भयाना से भी बातचीत की गई है। उनके अनुसार विधायक ने समाज की भावनाओं का सम्मान
करने का आश्वासन देते हुए कहा है कि यदि समाज की यही मांग है तो इस पर विचार किया जाएगा।
हालांकि विधायक की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कुछ दिन पहले विधायक विनोद भयाना ने इसी स्थान पर ‘महाराजा अरुट
द्वार’ के निर्माण
कार्य का शुभारंभ किया था। इसके बाद यादव समाज के विरोध के चलते यह मामला सामाजिक और
राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
14 जून को होगी सर्व समाज की बैठक
संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 14 जून को राव तुलाराम चौक पर सर्व
समाज की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें 36 बिरादरी के प्रतिनिधि शामिल होकर अपनी मांग
प्रशासन तक पहुंचाएंगे। संघर्ष समिति ने प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों को चेतावनी
देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में समाज कोई कठोर
निर्णय लेने पर मजबूर होगा। यादव समाज का यह रुख स्पष्ट है कि वह राव तुलाराम चौक के
अस्तित्व और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय
नहीं लिया गया तो रविवार को होने वाली मीटिंग में आंदोलन की अगली रणनीति पर कठोर निर्णय
लिया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

