हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय व 633 ईएमई बटालियन के बीच तकनीकी सहयोग को मिली स्वीकृति
विश्वविद्यालय के
शोध एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान करेगा यह सहयोग : प्रो. नरसी राम बिश्नोई
हिसार, 25 अप्रैल
(हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस
एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से प्रस्तुत एक महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्ताव को भारतीय
सेना की 633 ईएमई बटालियन ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। आधिकारिक पत्र के अनुसार,
इस परियोजना का क्रियान्वयन 633 ईएमई बटालियन और गुजविप्रौवि के कंप्यूटर साइंस एवं
इंजीनियरिंग विभाग के बीच तकनीकी समन्वय एवं आपसी सहयोग से किया जाएगा। यह पहल आधुनिक
तकनीकों के माध्यम से सैन्य वाहनों के प्रबंधन और निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने में
महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस परियोजना के
मेंटर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. ओम प्रकाश सांगवान व इस परियोजना से जुड़े एमटेक सीएसई
द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी हितेश राव ने आधिकारिक पत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.
नरसी राम बिश्नोई को सौंपा। इस अवसर पर डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी
प्रो. एचसी गर्ग व एचएसबी के निदेशक प्रो. संजीव कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय
के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार काे कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय के शोध एवं नवाचार
को नई दिशा प्रदान करेगा और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी योगदान को मजबूत बनाएगा। विश्वविद्यालय के
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यह साझेदारी अकादमिक और रक्षा संस्थानों के बीच समन्वय
को सुदृढ़ करेगी तथा भविष्य में और भी संयुक्त परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
डीन, फैकल्टी ऑफ
इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. एचसी गर्ग ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह परियोजना
विश्वविद्यालय के तकनीकी कौशल और शोध क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह प्रस्ताव विभागाध्यक्ष
प्रो. डॉ. ओम प्रकाश सांगवान के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया था, जिसे बटालियन द्वारा
गहन समीक्षा के उपरांत अत्यंत उपयोगी और प्रासंगिक माना गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

