हिसार : पशु देखभाल को बेहतर बनाने के लिए यूरिया-रहित पशु आहार की आवश्यकता : डॉ. अतुल जोशी

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हिसार : पशु देखभाल को बेहतर बनाने के लिए यूरिया-रहित पशु आहार की आवश्यकता : डॉ. अतुल जोशी


लुवास में भारतीय ज्ञान प्रणाली की ओर से तकनीकी संवादात्मक सत्र आयोजितहिसार, 14 जनवरी (हि.स.)। यहां के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रकोष्ठ की ओर से पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास (एनिमल न्यूट्रिशन एवं हेल्थ डिवीजन) के सहयोग से एक तकनीकी संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास से डॉ. अतुल जोशी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।अपने व्याख्यान में डॉ. अतुल जोशी ने बुधवार काे पशु चिकित्सा आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र, उसकी उपयोगिता तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान समय में पशु स्वास्थ्य देखभाल एवं डेयरी फार्मिंग को बेहतर बनाने के लिए यूरिया-रहित पशु आहार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।इस अवसर पर ऋषि पंवार ने छात्रों को पतंजलि आयुर्वेद, उसके सिद्धांतों तथा पशु स्वास्थ्य में उसकी उपयोगिता के बारे में अवगत कराया। उनके साथ पतंजलि से श्री ललित पाठक एवं श्री जसबीर सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 100 स्नातक, स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. तरुण ने अतिथियों का स्वागत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज़ ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक पशु चिकित्सा विज्ञान के समन्वय को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वैज्ञानिक एवं सतत पशुपालन को बढ़ावा मिलता है। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु ने अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहायक जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक एवं उद्योग-समन्वित कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को और सशक्त बनाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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