हिसार:बीमारी से हुई पशुओं की मौत की सूचना पर चिकित्सकों की टीम ने जांचे पशु

हिसार:बीमारी से हुई पशुओं की मौत की सूचना पर चिकित्सकों की टीम ने जांचे पशु
हिसार:बीमारी से हुई पशुओं की मौत की सूचना पर चिकित्सकों की टीम ने जांचे पशु


वीरेंद्र चौधरी ने खेदड़ में अंतरराष्ट्रीय पशु विशषज्ञों की टीम सहित लगाया फ्री पशु चैकअप कैंप

हिसार, 4 अप्रैल (हि.स.)। ‘बेरा नी किसी बीमारी है, म्हारे तो खूंटे ही खाली होगे। गरीब आदमी का जद लाखां का पशु मरै है तो उसकै दरद का आप अंदाजा भी नी लगा सकदे। गाम पै बिपदा आ री सै, सैकड़ों पसु मरगे पर फेर भी सरकार अर परसासन की नींद नहीं टूट री है।’

कुछ इसी लहजे में रुंधे गले के साथ खेदड़ गांव के लोगों ने समाजसेवी एवं जजपा नेता वीरेंद्र चौधरी को अपनी आपबीती बताई। वीरेंद्र चौधरी गुरुवार को निजी तौर पर पशु विशेषज्ञों की टीम लेकर खेदड़ गांव में पशुओं की भयंकर बीमारी से मौतों की सूचना पर फ्री पशु चैकअप कैंप लगाने पहुंचे थे। अंतरराष्ट्रीय पशु विशेषज्ञ कर्नल डॉक्टर देवेंद्र खुल्लर की अगुवाई में पशु चिकित्सकों की टीम ने खेदड़ गांव में घर-घर जाकर पशुओं की नि:शुल्क जांच की व दवाइयां दी।

कर्नल डॉ. देवेन्द्र खुल्लर ने बताया कि इस संदिग्ध बीमारी में पशुओं में बुखार, नाक से पानी बहना, गले की खराश व गले पर सोजिश, सांस लेने में दिक्कत, जुगाली में कमी आदि मुख्य लक्षण देखने को मिल रहे हैं। अगर ये लक्षण पशु में दिखें तो एहतियात के तौर पर तारपिन के तेल या विक्स आदि की गर्म पानी में दिन में दो-तीन बार भांप देनी चाहिए। पशु को छायादार जगह पर बांधना चाहिए और पाचन क्रिया को तेज करने के लिए गुड़ में दवाई देनी चाहिए। इसके साथ-साथ तुरंत खून व दवाई सेंसटिविटी टेस्ट करवा कर रिपोर्ट के अनुसार किसी क्वालिफाइड पशु चिकित्सक से उपचार शुरू करवाना चाहिए।

कर्नल डॉ. देवेंद्र खुल्लर ने बताया कि इस बीमारी का उचित समय पर और सही इलाज ना होने पर इसमें पशुओं के मरने की औसत 70 से 80 प्रतिशत है। पशु विशेषज्ञों की टीम ने पशुओं की जांच व उपचार के साथ-साथ पशुपालकों की काउंसिलिंग भी की। वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि खेदड़ में संदिग्ध बीमारी से पशुओं की मौत के समाचार से वे बहुत आहत हुए। वे पहले से ही नलवा हलके के गांवों में पशु विशेषज्ञों की टीम के साथ गांव-गांव में फ्री पशु चैकअप कैंप लगा रहे हैं और अभी तक 35 से अधिक गांवों में कैंप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम के साथ वे भरसक प्रयास करेंगे की खेदड़ में बीमारी पर काबू पाकर पशुओं की मौतों की रोकथाम कर सकें।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश्वर

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