सिरसा: स्कूल की छुट्टी कर जनगणना करने पहुंचे अध्यापक
सिरसा, 20 मई (हि.स.)। जिले के राजकीय प्राथमिक पाठशाला चत्तरगढ़ पट्टी में बच्चों की छुट्टी कर शिक्षकों का जनगणना करना विवादों में आ गया। अभिभावकों द्वारा स्कूल में पहुंच कर स्कूल की छुट्टी करने व दूषित पानी को लेकर खोरी-खोटी सुनाने का वीडियो वायरल हो गया। उपायुक्त के संज्ञान में मामला आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिए। प्राथमिक पाठशाला से डेप्यूटेशन पर गई महिला टीचर की डेप्यूटेशन तुरंत प्रभाव से कैंसिल कर दी गई। उन्हें प्राथमिक पाठशाला में शिक्षण कार्य करने के आदेश जारी हुए हैं।
वार्ड की पार्षद चंचल रानी ने बुधवार को बताया कि अभिभावक स्कूल की छुट्टी करने व दूषित पेयजल को लेकर स्कूल में पहुंचे। पार्षद ने कहा कि स्कूल में पिछले वर्ष तक 180 बच्चे थे। अब 90 के आसपास बच्चे हैं। एक साल में 90 बच्चे कम होना बड़ा सवाल है। शिक्षा विभाग के प्रवेश उत्सव के बाद भी इस प्रकार स्कूल के बच्चों की संख्या घटना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में उपायुक्त से लेकर एडीसी तक को पत्र दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने प्रगणक का कार्य करने वाले शिक्षकों को पहले ही पत्र के माध्यम से अवगत करवाया था कि वे स्कूलों को बंद नहीं करेंगे। स्कूलों की छुट्टी करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। जहां शिक्षक कम हैं तो वे सुबह व शाम के अनुसार अपनी गणना का काम करेंगे।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल बंद कर प्रगणक का कार्य करने का मामला संज्ञान में आया है। शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, खैरपुर स्कूल में डेप्यूटेशन पर भेजी गई महिला शिक्षक को वापस स्कूल में भेज दिया गया है ताकि स्कूल का शिक्षण कार्य हो। एक-एक कर शिक्षक गणना का कार्य भी कर सके। वहीं, पेयजल समस्या का मुआयना कर समाधान करवाया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त को रिपोर्ट भेज दी गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

