हरियाणा में टीबी के 45 हजार रोगी मिले
स्वास्थ्य विभाग ने 7.22 लाख लोगों की जांच
चंडीगढ़, 17 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने अपने विस्तारित टीबी अभियान के तहत 7.22 लाख लोगों की जांच की और 45,090 मरीज़ों का पता लगाया है। साथ ही, पात्र घरेलू संपर्कों (मरीज़ के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों) के लिए बचाव के इलाज का कवरेज जून 2026 से 31 प्रतिशत से बढक़र 67 प्रतिशत से अधिक हो गया है।स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुवार को इस प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। मिश्रा ने बताया कि अब टीबी यूनिट्स का विस्तार करके टीबी सेवा नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-मंडलीय अस्पतालों में टीबी यूनिट्स स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि जांच, निदान, उपचार और फॉलो-अप सीएचसी और पीएचसी में टीबी यूनिट्स पहले से ही स्थापित हैं।
उन्होंने बताया कि 24 मार्च से 14 सितंबर तक चलाए गए इस विस्तारित अभियान के दौरान 5,221 कैंप आयोजित किए गए, जिनमें से 3,214 कैंप ज़्यादा जोखिम वाले गांवों में लगाए गए। जांच किए गए 7.22 लाख लोगों में से 3.66 लाख लोगों का चेस्ट एक्स-रे किया गया, जबकि 2.15 लाख मॉलिक्यूलर टेस्ट किए गए।
पल्मोनरी ड्रग-सेंसिटिव टीबी मरीज़ों के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों (घरेलू संपर्कों) के लिए टीबी बचाव उपचार में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। इसमें 14 सितंबर तक, 47,322 पात्र घरेलू संपर्कों में से 31,580 को बचाव का इलाज दिया गया, जिससे कवरेज 24 जून के 31 प्रतिशत से बढक़र 67 प्रतिशत हो गया। अठारह जिलों ने 50 प्रतिशत कवरेज का आंकड़ा पार कर लिया और कोई भी जिला रेड ज़ोन में नहीं रहा। एन.ए.ए.टी टेस्टिंग 2.15 लाख तक पहुँच गई, जिससे जून 2026 में इसकी हिस्सेदारी 61 प्रतिशत से बढक़र 71 प्रतिशत हो गई। पांच जिलों में 80 प्रतिशत से ज़्यादा कवरेज दर्ज किया गया, जबकि सभी ज़िलों ने 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

