नूंह में दूषित मिठाई खाने से आठ बच्चों की तबियत बिगड़ी,पांच की हालत गंभीर

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नूंह में दूषित मिठाई खाने से आठ बच्चों की तबियत बिगड़ी,पांच की हालत गंभीर


नूंह, 18 अप्रैल (हि.स.)। नूंह जिले के नगीना क्षेत्र के गांव गंडूरी में शनिवार सुबह दूषित मिठाई खाने के बाद एक ही परिवार के आठ बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी असलम शुक्रवार रात बड़कली चौक स्थित एक मिष्ठान भंडार से चमचम मिठाई लेकर घर पहुंचे थे। उस समय बच्चे सो चुके थे। शनिवार सुबह बच्चों के जागने पर उनकी मां रजीना ने उन्हें वही मिठाई खिला दी। मिठाई खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और उनके मुंह से झाग निकलने लगा, जिससे परिजन घबरा गए।

घटना के बाद सभी बच्चों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन पांच बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नल्हड़ स्थित मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। बीमार बच्चों में सोफेद (16), अजूबा (15), सोफिया (10), सनोफिया (8), जुड़वा समर व सनम (4), समरीन (2) और रूहान (5) शामिल हैं। इनमें से दो बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है, जबकि छह बच्चे अभी भी उपचाराधीन हैं। खासतौर पर समर की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

मामले में सभी बच्चों की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) तैयार कर ली गई है। हालांकि, अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं सौंपी गई है। नगीना थाना प्रभारी सचिन के अनुसार, पुलिस ने मामले का संज्ञान ले लिया है और शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मांडीखेड़ा अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रविकांत ने बताया कि मिठाई खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर बच्चों को बेहतर इलाज के लिए नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। यह घटना खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

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