हिसार : प्रत्येक व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी : न्यायमूर्ति ललित बत्रा
हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने केंद्रीय कारागार-1
का किया गहन निरीक्षण, बंदियों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं
हिसार, 31 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा मानव अधिकार
आयोग के अध्यक्ष एवं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति
ललित बत्रा ने शुक्रवार को आयोग के सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया के साथ हिसार
का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कारागार-1 का विस्तृत निरीक्षण कर वहां उपलब्ध
सुविधाओं का जायजा लिया तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में मानवाधिकारों
से जुड़े मामलों की समीक्षा की।
दौरे की शुरुआत केंद्रीय कारागार-1 के निरीक्षण
से हुई। न्यायमूर्ति बत्रा ने आयोग के सदस्यों के साथ जेल की विभिन्न बैरकों, रसोईघर,
अस्पताल, पुस्तकालय, विधिक सहायता कक्ष, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित महिला और
किशोर बंदियों के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने
कारागार में सुरक्षा, स्वच्छता और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की
जानकारी अधिकारियों से ली।
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने
बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा
सुविधाओं, कानूनी सहायता तथा परिवारजनों से मिलने की व्यवस्था के बारे में जानकारी
ली। उन्होंने बंदियों द्वारा रखी गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित
अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति बत्रा ने कहा कि प्रत्येक
व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कारागार
प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी बंदियों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित
किया जाए तथा उनके अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर गुणवत्तापूर्ण
चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक भोजन, विधिक सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी
सुविधाएं प्रत्येक बंदी तक प्रभावी ढंग से पहुंचनी चाहिए, ताकि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया
भी मजबूत हो सके।
इसके बाद न्यायमूर्ति ललित बत्रा, आयोग के सदस्य
कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में मानवाधिकार
उल्लंघन से संबंधित शिकायतों और उनके निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों
को निर्देश दिए कि मानवाधिकारों से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, पारदर्शिता
और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और
आवश्यक राहत मिल सके।
दौरे के दौरान लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह
में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, एसडीएम ज्योति मित्तल, एएसपी मयंक मुदगिल सहित
जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई। इस दौरान जिले में लंबित मानवाधिकार
मामलों, शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयोग ने
आवश्यक निर्देश जारी किए।
इस अवसर पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य
कुलदीप जैन, दीप भाटिया, रजिस्ट्रार आरके सोंधी, संजय खंडूजा, सहायक रजिस्ट्रार डॉ.
पुनीत अरोड़ा सहित कारागार एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

