हिसार : खेलों से शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य एवं नेतृत्व क्षमता का भी होता विकास : डॉ. विक्रमजीत

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हिसार : खेलों से शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य एवं नेतृत्व क्षमता का भी होता विकास : डॉ. विक्रमजीत


दयानंद महाविद्यालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम में विद्यार्थियों

ने दिखाया दमखम

हिसार, 31 अगस्त (हि.स.)। दयानंद महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर

से तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम

का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, फिटनेस, आत्मविश्वास और टीमवर्क

की भावना को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्ष

सुरजीत कौर ने किया। इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू मंजीत सिंह भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के पहले दिन आत्मरक्षा प्रतियोगिता एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया।

इसमें विद्यार्थियों ने ताइक्वांडो की विभिन्न तकनीकों और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन

किया। छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई।

महिला वर्ग में एकता ने प्रथम, आशा ने द्वितीय और नेहा ने तृतीय स्थान हासिल किया।

पुरुष वर्ग में विजय प्रथम, राहुल द्वितीय और रोहित तृतीय रहे। विजेता विद्यार्थियों

को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता के आयोजन में विभागाध्यक्ष सुरजीत कौर, सहायक प्राध्यापक डॉ. जयबीर

सिंह, अंतिम और लैब सहायक वीरेंद्र का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न

खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 100 मीटर दौड़ में आरती ने प्रथम, प्रिया ने द्वितीय

और आशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में आरती प्रथम, नेहा

द्वितीय और गीता तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर

भाग लिया और खेल भावना, अनुशासन तथा निष्पक्ष खेल के मूल्यों को अपनाने की शपथ ली।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने कहा कि खेल विद्यार्थियों

के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही

बेहतर नहीं होता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व

क्षमता भी मजबूत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों

में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन साेमवार काे आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों

को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों

ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आवश्यक आत्मरक्षा कौशल सीखे। समापन समारोह

में प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने विद्यार्थियों को खेल, फिटनेस और अनुशासन को जीवन

का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से महान हॉकी खिलाड़ी मेजर

ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ विद्यार्थियों में फिटनेस, आत्मविश्वास,

अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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