हिसार : जनवादी महिला समिति ने गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर जताई आपत्ति

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हिसार, 29 मई (हि.स.)। जनवादी महिला समिति की

राज्य कमेटी ने बलात्कार एवं हत्या के जघन्य अपराध में सजायाफ्ता गुरमीत राम रहीम को

बार-बार पैरोल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति ने उनकी पैरोल को रद्द करते हुए

उन्हें वापस जेल भेजने की मांग की है। जनवादी महिला समिति हिसार की प्रधान बिद्या व

सचिव बबली लांबा ने शुक्रवार काे कहा कि बलात्कार और यौन शोषण जैसे जघन्य अपराधों के दोषी गुरमीत

राम रहीम को अब तक कुल 16 बार पैरोल मिल चुकी है। हाल ही में उन्हें 30 दिनों की पैरोल

दी गई है।

अब तक गुरमीत राम रहीम 20 साल के सजा के दौरान 435 दिन से अधिक दिन जेल से

बाहर रहा है। एक गंभीर यौन अपराधी का बार-बार जेल से बाहर आना पीड़ितों और न्यायपालिका

का सीधा उपहास है। भाजपा सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगाती है, दूसरी

तरफ बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम जैसे अपराधी को बार-बार

पैरोल दे रही है। अक्सर चुनावों के आसपास गुरमीत राम रहीम को पैरोल दी जाती है। यह

स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भाजपा सरकार चुनावी लाभ के लिए बाबा को छोड़ देती है।

जनवादी महिला समिति ने कहा कि भाजपा सरकार तुष्टीकरण

की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसे नृशंसतम अपराध के मामलों में सजा

काट रहे ऐसे अपराधी को छोड़ा जाना, महिलाओं को असुरक्षा की गहरी खाई में धकेलने जैसा

है। इससे उत्पीड़ित महिलाएं हतोत्साहित होती हैं और अपराधियों के हौंसले बुलंद होते

हैं। इस तरह के जघन्य अपराधी को पैरोल देने के नियमों की समीक्षा

की जाए और बार-बार दी जा रही रियायतों को तुरंत रोका जाए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित

करे कि एक दोषी व्यक्ति अपनी पूरी सजा भुगते।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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