यमुनानगर:गोवंश मुक्त शहर का दावा, सड़कों पर अब भी पशु बने खतरा

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यमुनानगर:गोवंश मुक्त शहर का दावा, सड़कों पर अब भी पशु बने खतरा


यमुनानगर:गोवंश मुक्त शहर का दावा, सड़कों पर अब भी पशु बने खतरा


यमुनानगर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। शहरी निकाय विभाग की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में यमुनानगर, रादौर और साढौरा को लावारिस गोवंश से मुक्त घोषित किया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सामने आ रही तस्वीर सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है। प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और संपर्क सड़कों पर अब भी बड़ी संख्या में आवारा गोवंश दिखाई देने से नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार यमुनानगर में 1,713 गोवंश को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाया गया है। रादौर और साढौरा में भी नियंत्रण व्यवस्था को संतोषजनक बताया गया है। इसके बावजूद शहरों के कई व्यस्त इलाकों में पशुओं की मौजूदगी लगातार देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय बाजारों और चौक-चौराहों पर झुंड के रूप में बैठे गोवंश यातायात बाधित करते हैं, जबकि रात के समय हाईवे और मुख्य सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

नागरिकों के अनुसार अचानक सड़क पर आ जाने वाले पशुओं के कारण कई वाहन चालक हादसों से बाल-बाल बच चुके हैं। वही व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने बैठे गोवंश ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित करते हैं और कई बार सामान को भी नुकसान पहुंचता है। उनका आरोप है कि अभियान समय-समय पर चलाए जरूर जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान दिखाई नहीं देता। नगर निगम की ओर से दावा किया गया है कि लगातार अभियान चलाकर गोवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गोशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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