हिसार : जाति का नाम बदलने के विरोध में रविदासिया समाज लामबंद, जींद में बनेगी आंदोलन की रणनीति

WhatsApp Channel Join Now
हिसार : जाति का नाम बदलने के विरोध में रविदासिया समाज लामबंद, जींद में बनेगी आंदोलन की रणनीति


मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन, समाज की सहमति के बिना नाम

परिवर्तन मंजूर नहीं, पुतले फूंककर जताया विरोध

हिसार, 26 अगस्त (हि.स.)। चमार जाति का नाम बदलकर मेघवाल करने की मांग पर उठे

विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मांग के विरोध में हरियाणा रविदासिया समाज महासंघ

ने मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट कर दिया है कि समाज की व्यापक सहमति के बिना उसकी ऐतिहासिक

पहचान के साथ किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महासंघ ने मुख्यमंत्री

और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर मांग उठाई है कि जाति के नाम में बदलाव को लेकर

कोई भी निर्णय लेने से पहले समाज के विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श

किया जाए। आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए 6 सितंबर को जींद स्थित गुरु रविदास

धर्मशाला में प्रदेशभर की गुरु रविदास सभाओं, डॉ. अंबेडकर सभाओं और अन्य सामाजिक संगठनों

की संयुक्त बैठक बुलाई गई है।

सिरसा बाइपास स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास छात्रावास में महासंघ के प्रदेश

अध्यक्ष एसपी चालिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई

गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया। इसके साथ ही महासंघ

के सदस्यों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के

पुतले फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

एसपी चालिया ने कहा कि कुछ लोगों की मांग के आधार पर पूरे चमार समाज की ऐतिहासिक

पहचान बदलना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चमार समाज

अनुसूचित जाति के बड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे में कुछ चुनिंदा लोगों

या परिवारों की मांग को पूरे समाज की सामूहिक राय नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप

लगाया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री से मिलकर चमार जाति का नाम बदलकर मेघवाल करने की मांग

कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरे समाज की ओर से इस तरह की मांग रखने का नैतिक अधिकार

नहीं है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि समाज के बड़े वर्ग की सहमति के बिना जाति के नाम

और ऐतिहासिक पहचान में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

Share this story