हांसी : चानौत आंदोलन के चलते 30 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स बैन
गांव में 46 दिन से पेयजल के लिए चल रहा आंदोलन
हिसार, 30 जून (हि.स.)। हांसी क्षेत्र के चैनत गांव में पानी की पाइपलाइन से
टी-कनेक्शन को हटाने के विवाद के चलते प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आंदोलनकारियों
के 30 से अधिक सोशल अकाउंट्स को पूरी तरह बैन कर दिया है। मंगलवार काे जानकारी और सूचनाओं के प्रसार
को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इस गांव में पीने के पानी की
मांग को लेकर 46 दिनों से लगातार आंदोलन और महापंचायत चल रही थी।
बताया जा रहा है कि बैन किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स में 10 फेसबुक अकाउंट
और 20 से सोशल मीडिया चैनल शामिल है। जिन किसान नेताओं और धरना कमेटी सदस्यों के फेसबुक
और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद किए गए हैं, उनमें अनूप चैनत (चानौत), सुरेश कौथ, हर्फ छिक्कारा,
सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु, सुखराम, दीपक दूहन और योगेश दूहन आदि शामिल हैं। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में पांच बुजुर्गों का अनशन तुड़वाने वाले पूर्व सरपंच
एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान सोमेश सरपंच के पक्ष में चरखी दादरी के ग्रामीण और खापें
लामबंद हो गई हैं। मौजिज लोगों ने प्रेस वार्ता कर सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सोमेश
सरपंच पर कोई कार्रवाई हुई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनाक्रोश भड़क उठेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन से जुड़ी भड़काऊ सूचनाओं और अनर्गल
वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं धरना कमेटी के सदस्यों
का आरोप है कि सरकार और प्रशासन लोकतंत्र में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ पूर्व सरपंच सोमेश सरपंच के समर्थन में चरखी दादरी क्षेत्र के
172 गांव और गौधड़िया खाप के 40 गांवों ने एकजुटता दिखाई है। राजकुमार (पूर्व प्रधान,
गौधड़िया खाप 40), सुमित गौतम (बीडीसी), नवीन कौशिक (बीडीसी), सुरेश नम्बरदार (चिड़िया),
हरिराम शर्मा, कृष्ण शर्मा (फतेहगढ़), पवन कुमार (पूर्व प्रधान, ऑटो मार्केट), रमेश
शर्मा, सूबेदार राजकुमार, नरेन्द्र शर्मा और रवि शर्मा ने कहा कि जब अनशन पर बैठे पांच
बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही थी, तब सोमेश सरपंच ने हर्ष छिक्कारा और विकास सिसर के
साथ मिलकर एक घंटे में टी लगवाकर उनकी जान बचाई थी। सरकार ने बाद में उस टी को अवैध
बताकर हटवा दिया। इसके बाद मंत्री रणवीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना ने सोमेश सरपंच
पर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

