फर्जी वर्क स्लिप घोटाले पर जांच कमेटी ने तीन अप्रैल काे बुलाई बैठक

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चंडीगढ़, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के श्रम विभाग में कथित तौर पर हुए 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिप घोटाले की जांच को लेकर बनी कमेटी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में बैठक बुला ली है। यह मामला पिछले कई माह से चर्चा में है।

प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, 13 जिलों में कुल 5,99,758 वर्कस्लिप में से केवल 53,249 वर्कस्लिप वैध पाई गईं, जबकि शेष अवैध हैं। इसी प्रकार, 2,21,517 पंजीकृत श्रमिकों में से केवल 14,240 श्रमिक ही वैध पाए गए हैं। श्रम विभाग में हुए इस बड़े फर्जीवाड़े की जांच स्वयं श्रम मंत्री अनिल विज के निर्देश पर कराई गई, जिसमें लगभग 1500 करोड़ रुपये के वर्कस्लिप घोटाले का खुलासा हुआ है।

इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जांच के लिए आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था। जिसमें आईएएस राजीव रतन और आईपीएस पंकज नैन को सदस्य बनाया गया। कमेटी को 31 मार्च तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया। इस बीच हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र आ गया तो सभी जांच अधिकारी उसमें व्यस्त हो गए। इस घोटाले की जांच के लिए गठित कमेटी में शामिल अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी होना भी अहम है। इस बीच जां कमेटी की तरफ से सभी जिला उपायुक्तों के पास से रिपोर्ट मंगवाई गई।

जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए अग्रवाल कमेटी ने एक अप्रैल को मीटिंग निर्धारित तय की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उसे 3 अप्रैल के लिए टाल दिया गया है। अब शुक्रवार को होने वाली बैठक को अहम माना जा रहा है। इस बैठक में अधिकारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर सकते हैं। जिसके बाद कई विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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