पलवल के छांयसा में अब स्थिति सामान्य, 11 फरवरी के बाद बीमारी से कोई मौत नहीं : उपायुक्त
पलवल, 23 फ़रवरी (हि.स.)। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा है कि गांव छांयसा में अज्ञात बीमारी की स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और 11 फरवरी के बाद इस बीमारी से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में लगातार सक्रिय रहकर निगरानी और जांच अभियान चला रही हैं।
उपायुक्त ने सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बीमारी के फैलाव को रोकना और ग्रामीणों को सुरक्षित रखना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जहां लोगों की नियमित जांच, परामर्श और उपचार किया जा रहा है। अब तक 1024 लोगों की ओपीडी जांच की जा चुकी है तथा 723 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। शिविरों में हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, एचआईवी और लिवर संबंधी जांच भी की जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि गांव में हुई कुल 15 मौतों में से केवल 7 मौतें अज्ञात बीमारी से संबंधित पाई गई हैं, जबकि 6 बुजुर्गों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से, एक व्यक्ति की मानसिक स्थिति बिगड़ने से और एक की मृत्यु गांव से बाहर हुई थी। उन्होंने कहा कि संक्रमण के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य शिविर या सरकारी अस्पताल में जांच कराएं। जिला प्रशासन द्वारा एनर्जी ड्रिंक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष जांच अभियान भी चलाया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि गांव में तीन स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। स्वच्छ पेयजल, क्लोरीन टैबलेट वितरण, फॉगिंग और टीकाकरण जैसे एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग

