सिरसा: लाखों रुपये की गड़बड़ी में बैंक के कई कर्मचारियों की मिलीभगत
सिरसा, 09 अप्रैल (हि.स.)। सिरसा जिले के खंड बडागुढ़ा स्थित दि केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा में उपभोक्ताओं के खाते से लाखों रुपये की ठगी के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट महाप्रबंधक को सौंप दी है, जिसके बाद बैंक प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिकवरी नोटिस जारी कर दिए हैं।
महाप्रबंधक ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर राशि की रिकवरी नहीं होने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ थाना में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। इस मामले में एसआईटी को 15 दिन में जांच पूरी करनी थी, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने में करीब 40 दिन लग गए। जांच के दौरान सबसे अहम तथ्य यह सामने आया कि मुख्य आरोपी कैशियर सुभाष चाहर एक बार भी जांच में शामिल नहीं हुआ। उसे कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और फिलहाल फरार बताया जा रहा है। एसआईटी जांच में करीब 18 से 20 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। जांच में कैशियर सुभाष के साथ शाखा प्रबंधक इंद्रपाल, पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश और कैशियर धर्मपाल को भी आरोपी ठहराया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि गबन के लिए विभिन्न अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग किया गया। नियमों के अनुसार लेनदेन प्रक्रिया में क्लर्क, शाखा प्रबंधक और कैशियर की अलग-अलग आईडी से वाउचर पास होता है, लेकिन आरोपियों ने अपनी आईडी साझा कर दी, जिससे कैशियर को गड़बड़ी करने का मौका मिला। एसआईटी के अनुसार शाखा प्रबंधक इंद्रपाल, ओमप्रकाश और बलवंत ने अपनी-अपनी आईडी कैशियर के साथ साझा की थी। इसी का फायदा उठाकर सुभाष ने लाखों का गबन किया। जांच एजेंसी ने इन सभी को गबन में बराबर का भागीदार माना है। यह भी सामने आया है कि जब इंद्रपाल अवकाश पर थे, तब ओमप्रकाश और बलवंत को अस्थायी जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने भी आईडी शेयरिंग जारी रखी। कैशियर सुभाष की तैनाती गांव बिज्जुवाली में भी रही है। वहां भी गड़बडी की आशंका जताई जा रही है और जांच अभी जारी है।
महाप्रबंधक ऋषिपाल ने बताया कि सभी आरोपियों को रिकवरी नोटिस जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह में राशि वापस नहीं करने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मुख्य आरोपी कैशियर फिलहाल फरार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

