एमओयू विश्वविद्यालय में विकसित शोध एवं तकनीकों को उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : प्रो. विनोद वर्मा

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एमओयू विश्वविद्यालय में विकसित शोध एवं तकनीकों को उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : प्रो. विनोद वर्मा


लुवास ने एग्री

इनोवेट इंडिया लिमिटेड के साथ किया समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

हिसार, 13 अप्रैल

(हि.स.)। यहां के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने कृषि

एवं संबद्ध क्षेत्रों में विकसित तकनीकों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए एग्री

इनोवेट इंडिया लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए

हैं। यह समझौता सोमवार को कुलपति सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में हुआ।

एग्री इनोवेट इंडिया

लिमिटेड,कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत

स्थापित एक प्रमुख सरकारी उपक्रम है, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर),

केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों तथा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में विकसित तकनीकों

और शोध परिणामों का व्यावसायीकरण करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर

पर उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों तक पहुंचाना है।

इस एमओयू के माध्यम

से विश्वविद्यालय में विकसित उपयोगी एवं बाजारोन्मुख तकनीकों का मूल्यांकन कर उन्हें

एग्री इनोवेट के पोर्टफोलियो में शामिल किया जाएगा तथा आवश्यकता अनुसार उनका व्यवसायीकरण

एवं लाइसेंसिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में नवाचारों

के प्रसार और किसानों तक आधुनिक तकनीकों की पहुंच को सुदृढ़ करेगी।

समझौते पर विश्वविद्यालय

की ओर से मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. सोनिया सिंधु एवं एग्री इनोवेट इंडिया लिमिटेड,

नई दिल्ली की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रवीण मलिक ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय

के कुलपति प्रो.(डॉ.) विनोद कुमार वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा

कि यह समझौता विश्वविद्यालय में विकसित शोध एवं तकनीकों को उद्योग से जोड़ने की दिशा

में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान

पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश खुराना तथा पशु चिकित्सा औषधि विज्ञान

विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या अग्निहोत्री भी उपस्थित रहे। जनसंपर्क अधिकारी डॉ.

निलेश सिन्धु ने बताया कि यह समझौता विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार क्षमता को नई

दिशा प्रदान करते हुए कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने में मील

का पत्थर सिद्ध होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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