सोनीपत: अफ्रीका चैंपियन को हराकर शाश्वत दलाल ने सेनेगल में जीता रजत
सोनीपत, 21 सितंबर (हि.स.)। खेल
नगरी सोनीपत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी शाश्वत दलाल ने सेनेगल इंटरनेशनल चैंपियनशिप-2026
में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। बैडमिंटन विश्व महासंघ
की ओर से 17 से 20 सितंबर तक सेनेगल के थीज स्थित लाट डियोर स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता
में शाश्वत ने कई मजबूत खिलाड़ियों को हराकर फाइनल तक जगह बनाई।
प्री-क्वार्टर
फाइनल में शाश्वत ने यूक्रेन के व्लादिस्लाव कुनिन को 21-18, 21-11 से सीधे गेम में
हराया। क्वार्टर फाइनल में सऊदी अरब के मेहद शैख को 21-12, 21-16 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल
में प्रवेश किया। सेमीफाइनल
में शाश्वत का मुकाबला मिस्र के चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अधम हातिम एलगमाल से हुआ।
एलगमाल को मौजूदा अफ्रीका चैंपियन बताया गया है। शाश्वत ने शानदार खेल दिखाते हुए उन्हें
21-12, 21-18 से सीधे गेम में हराकर फाइनल में जगह बनाई।
अफ्रीकी चैंपियन के खिलाफ
मिली जीत को उनके अंतरराष्ट्रीय खेल जीवन की अहम उपलब्धि माना जा रहा है। 20 सितंबर
को हुए फाइनल में शाश्वत का सामना ईरान के ए. हयाती से हुआ। शाश्वत ने पहला गेम
21-9 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन इसके बाद ईरानी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए दूसरा
गेम 21-19 और तीसरा गेम 21-12 से जीत लिया। इसके साथ ही शाश्वत को रजत पदक से संतोष
करना पड़ा।
शाश्वत
मूल रूप से झज्जर जिले के गांव छारा के रहने वाले हैं और वर्तमान में सोनीपत के सेक्टर-23
में रहते हैं। उन्होंने लिटिल एंजेल्स स्कूल, सोनीपत से पढ़ाई की। स्कूल में वे कनिष्ठ
वर्ग के प्रमुख छात्र और बाद में खेल कप्तान रहे। वे सीबीएसई राष्ट्रीय खेलों में चैंपियन
रह चुके हैं तथा हरियाणा सरकार के एसपीएटी कार्यक्रम में कई वर्षों तक शीर्ष स्थान
पर रहे। उन्होंने एनडीए की एसएसबी परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
शाश्वत
ने बैडमिंटन का शुरुआती प्रशिक्षण स्कूल कोच प्रदीप पालीवाल से लिया। इसके बाद मलिक
बैडमिंटन अकादमी में कोच हरेंद्र मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। वर्तमान में
वे इंग्लैंड के राष्ट्रीय बैडमिंटन केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने डीटीयू
से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक और नॉटिंघम विश्वविद्यालय, इंग्लैंड से परास्नातक की
पढ़ाई की है। वर्ष
2025 में शाश्वत ने मैड्रिड, स्पेन में आयोजित यूरोपीय विश्वविद्यालय बैडमिंटन चैंपियनशिप
का खिताब भी जीता था। अब तक वे 118 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और 30 से अधिक
देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। नाइजीरिया और कैमरून अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं
में भी वे अंतिम आठ में जगह बना चुके हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

