जींद : समाज से जाति-पाति के भेदभाव को खत्म करना संघ का उद्देश्य : राजेश कुमार
जींद, 14 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा के प्रांत प्रचारक प्रमुख राजेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन 27 सितंबर 1925 को डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में विजय दशमी के दिन किया था। संघ के गठन का उद्देश्य हिंदुओं को संगठित कर राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के माध्यम से समाज का निर्माण करना था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा के प्रांत प्रचारक प्रमुख राजेश कुमार बुधवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संघ की 100 वर्ष की यात्रा व पंच परिवर्तन विषय पर आयोजित नागरिक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ सह प्रांत प्रमुख सामाजिक सद्भाव नरेन्द्र ने शिरकत की। गोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के डीन अकैडमिक डा. विशाल वर्मा ने की। गोष्ठी में जींद जिला प्रचारक मुरारी लाल, सह जिला संघचालक मनदीप, जिला कार्यवाह विवेक, जिला कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे। प्रांत प्रचारक प्रमुख राजेश कुमार ने कहा कि डा. हेडगेवार का चिंतन था कि देश बार-बार गुलाम क्यों हो रहा है।
इसका क्या कारण है तो उन्होंने पाया कि वर्षों की गुलामी के कारण भारत के लोगों में सामाजिक चेतना की कमी हो गई है और समाज जाति-पाति में बंटा हुआ है। समाज से जाति-पाति के भेदभाव को खत्म कर समाज को संगठित करने के उद्देश्य से संघ का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि संघ को अगर समझना है तो प्रतिदिन एक घंटा शाखा में जरुर जाना पड़ेगा। शाखा के बिना संघ समझ नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि पूरे भारतवर्ष में 87 हजार शाखाएं चल रही हैं और 40 देशों में हिंदू स्वयंसेवक संगठन के नाम से संघ का कार्य चल रहा है। संघ के द्वितीय सर संघचालक श्री गुरु जी के प्रयासों से महाराज हरि सिंह कश्मीर को भारत में शामिल करने पर राजी हुए। देश में जब भी किसी प्रकार की आपदा-विपदा आती है संघ के स्वयंसेवक सेवा कार्यों में बढ़.चढ़कर अपना योगदान देते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

