हिसार : गुजवि की शिक्षिका का आईआईटी दिल्ली में प्रतिष्ठितआईएनएई-सीईईई प्रोग्राम के लिए चयन

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हिसार : गुजवि की शिक्षिका का आईआईटी दिल्ली में प्रतिष्ठितआईएनएई-सीईईई प्रोग्राम के लिए चयन


हिसार, 30 जून (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण इंजीनियरिंग

विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अनीता सिंह किरड़ोलिया का चयन प्रतिष्ठित ‘सेंटर फॉर इंजीनियरिंग

एजुकेशन एक्सीलेंस’ (सीईईई) प्रोग्राम 2026-27 के लिए हुआ है।

यह प्रोग्राम इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (आईएनएई) की एक प्रमुख मेंटरशिप

पहल है, जिसे इन्फोसिस फाउंडेशन और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के

सहयोग से संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य मेंटरशिप, नवीन शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम

विकास और अकादमिक नेतृत्व के माध्यम से देश में इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता को

सुदृढ़ करना है। डॉ. किरड़ोलिया को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.

नरसी राम बिश्नोई ने साेमवार काे कहा कि उनका चयन गुजविप्रौवि में विद्यमान एकेडमिक उत्कृष्टता

और पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम

के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से सिविल एवं पर्यावरण इंजीनियरिंग

विभाग सहित पूरे विश्वविद्यालय में शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार की गतिविधियों को नई

दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय गर्व का विषय है तथा इसके शिक्षकों

की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान को भी दर्शाती है।

इस प्रतिष्ठित चयन के साथ डाॅ. किरड़ोलिया को प्रोग्राम के तहत अधिकतम 50 हजार

रूपये तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे उनके प्रशिक्षण एवं सहभागिता

से संबंधित व्ययों में सहयोग मिलेगा। डॉ. किरड़ोलिया तीन सप्ताह के इस विशेष आवासीय

कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिसका आयोजन 17 जुलाई तक आईआईटी दिल्ली में किया जाएगा। इस

कार्यक्रम में देश के उभरते एवं विकासशील संस्थानों के उत्कृष्ट शिक्षकों को आईआईटी

के वरिष्ठ संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित शिक्षाविदों से प्रत्यक्ष

मेंटरशिप प्राप्त होगी। सीईईई प्रोग्राम दो सप्ताह के एआईसीटीई-एटीएएल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

(एफडीपी) के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग शिक्षकों में शिक्षण

उत्कृष्टता, अनुसंधान संस्कृति, पाठ्यक्रम नवाचार, आधुनिक शिक्षण तकनीकों तथा अकादमिक

एवं व्यावसायिक नेतृत्व को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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