हिसार : राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रसार सम्मेलन में लुवास के वैज्ञानिकों व शोधार्थियों ने लहराया परचम
मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों में हासिल किए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान
हिसार, 17 सितंबर (हि.स.)। यहां के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान
विश्वविद्यालय (लुवास), के संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने उदयपुर में आयोजित 11वें
राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रसार सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न श्रेणियों
में पुरस्कार हासिल किए। उपलब्धियां हासिल करने वाले संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों
ने कुलपति सचिवालय में कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा से मुलाकात कर उन्हें अपनी
उपलब्धियों की जानकारी दी।
कुलपति ने सभी को बधाई देते हुए गुरुवार काे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर लुवास के संकाय सदस्यों
और शोधार्थियों की उपलब्धियां विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने भविष्य
में भी गुणवत्तापूर्ण शोध एवं प्रसार कार्य जारी रखने के लिए शुभकामनाएं दीं। सम्मेलन का आयोजन हाल ही में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग,
पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानिया, उदयपुर की ओर से सोसायटी फॉर वेटरिनरी
एक्सटेंशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
लुवास की सहायक प्रोफेसर डॉ. रचना ने ‘आजीविका से पशुधन व्यवसाय तक : हरियाणा
में डेयरी मूल्य श्रृंखला एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण’ विषय पर मौखिक प्रस्तुति
में प्रथम स्थान हासिल करते हुए सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार प्राप्त किया।
उन्होंने डेयरी मूल्य श्रृंखला, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और पशुधन आधारित आजीविका
को स्थायी व्यवसायिक अवसरों में बदलने की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। सहायक प्रोफेसर
डॉ. अनिका मलिक ने ‘वर्तमान एकीकृत फसल-पशुधन उत्पादन प्रणाली में बाधाएं : पशुधन प्रसार
को नई दिशा देने की आवश्यकता’ विषय पर मौखिक प्रस्तुति में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
शोधार्थियों ने भी सम्मेलन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पीएच.डी. शोधार्थी
डॉ. वर्षा ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पशुपालकों और पालतू पशु मालिकों की पशुचिकित्सा
दूरचिकित्सा के प्रति बदलती प्राथमिकताओं का अध्ययन विषय पर पोस्टर प्रस्तुति में प्रथम
स्थान प्राप्त किया। एम.वी.एससी. शोधार्थी बेशज कुमार और डॉ. परीक्षित यादव ने पोस्टर
प्रस्तुति में तृतीय स्थान हासिल किया। बेशज कुमार ने वन हेल्थ दृष्टिकोण के माध्यम
से हरियाणा में कुक्कुट कल्याण को सुदृढ़ करना : नीतिगत कमियां एवं रणनीतिक दिशा, जबकि
डॉ. परीक्षित यादव ने पशुओं से संबंधित नैतिक मुद्दों के प्रति उपभोक्ताओं के मूल्यों
एवं दृष्टिकोण का अध्ययन विषय पर शोध प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान डॉ. अनिका मलिक एवं डॉ. सरिता ने पोस्टर प्रस्तुति सत्र तथा
डॉ. रचना ने मौखिक प्रस्तुति सत्र में प्रतिवेदक की जिम्मेदारी भी निभाई। इन उपलब्धियों
से लुवास के पशुधन विकास, पशु कल्याण, प्रसार शिक्षा, नवाचार और पशुधन क्षेत्र की उभरती
चुनौतियों के समाधान से जुड़े शोध कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

