हरियाणा के हड़ताली सफाई कर्मियों ने सरकार के प्रस्ताव को नकारा

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प्रदेश भर में पुलिस के पहरे में उठा कचरा

चंडीगढ़, 23 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों व प्रदेश सरकार के बीच शनिवार को देररात चली बैठक के बाद सरकार ने जहां मांगें पूरी करने पर सैद्धांतिक सहमति होने का दावा किया था वहीं रविवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हरियाणा सरकार के सभी प्रस्ताव खारिज करते हुए मांगों पर अधिसूचना जारी करने की मांग की है। इस बीच रविवार को प्रदेश के कई जिलों में पुलिस की मदद से कचरा उठवाया गया। प्रदेश भर में सफाई कर्मचारियों को विरोध के चलते पुलिस ने हिरासत में भी लिया। इस बीच सफाई कर्मचारी सोमवार को आगामी रणनीति का ऐलान करेंगे।

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा व अग्निशमन विभाग के प्रधान राजेन्द्र सिन्द, महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते में 22 मांगों में से 17 मांगों को सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी थी। इन मांगों के क्रियान्वयन के लिए सरकारी पत्र एवं आदेश जारी किए जाने थे, लेकिन आज तक आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए। अब उन्हीं मांगों को दोबारा सैद्धांतिक सहमति बताना कर्मचारियों के साथ छलावा है।

बीती रात पुलिस प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों, महिला एवं पुरुष कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया और पुलिस दमन बंद नहीं किया तो प्रदेश के शहरों के लोग भी कर्मचारियों के समर्थन में सरकार के खिलाफ सडक़ों पर उतरने को मजबूर होंगे।

शास्त्री ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारियों की मांगों पर सहमत है तो सैद्धांतिक सहमति नहीं, तत्काल लिखित सरकारी आदेश जारी करे। कर्मचारी आश्वासन नहीं, अपने अधिकारों का सरकारी आदेश चाहते हैं।

नरेश शास्त्री ने वर्दी भत्ता, समान काम समान वेतन, एलटीसी, न्यूनतम वेतन, ईएसआई एवं ईपीएफ,जोखिम भत्ता, अनुकंपा सहायता, दुर्घटना बीमा, दिए जाने के मुद्दे पर अधिसूचना जारी करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने दावा किया है कि पालिका रोल पर कार्यरत सफाई एवं फायर कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा अभी लंबित है और सरकार उसका कानूनी परीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कर्मचारियों की मुख्य मांग है।

यदि सरकार नियमितीकरण के मुद्दे पर कानूनी परीक्षण कर रही है तो फिर बाकी मांगों को लगभग सभी मांगें मान ली गईं बताकर हड़ताल को गलत ठहराने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। शास्त्री ने कहा कि हड़ताल के दौरान रात के समय पुलिस कार्रवाई कर कूड़ा उठाने के लिए कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। संघ के अनुसार भिवानी में 36, हिसार में 200, यमुनानगर में 50, सिरसा में 27, चरखी दादरी में 11, बहादुरगढ़ में 17, झज्जर में 2 तथा डबवाली में 35 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की कि गिरफ्तार किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल रिहा किया जाए, कर्मचारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए और बातचीत के माध्यम से आंदोलन का समाधान किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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