हिसार में लंपी संदिग्ध गोवंश के सैंपल जांच के लिए भेजे
पशुपालन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण, संदिग्ध पशुओं को दवाइयां देकर किया
टीकाकरण
हिसार, 19 सितंबर (हि.स.)। नारनाैंद क्षेत्र में गोवंश में लंपी रोग की आशंका को देखते
हुए पशुपालन विभाग ने निगरानी और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। शनिवार को जिला पशु रोग
निदान प्रयोगशाला हिसार की टीम ने गांव कापड़ो और राजथल पहुंचकर लंपी संदिग्ध गोवंश
की जांच की।
संदिग्ध पशुओं के सैंपल लेकर जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार भेजे
गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पशुओं में लंपी वायरस की पुष्टि या स्थिति स्पष्ट
हो सकेगी।
पशुपालन विभाग की टीम में कापड़ो के पशु चिकित्सक डॉ. अमित शर्मा, नारनौंद
के पशु चिकित्सक डॉ. विनय तथा जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार की डॉ. सुजाता के
नेतृत्व में टीम शामिल रही। टीम सबसे पहले कापड़ो गौशाला पहुंची, जहां सामाजिक संगठनों,
गौशाला संचालकों और गौरक्षा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर लंपी रोग से बचाव, संदिग्ध
पशुओं की पहचान और देखभाल को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गौशाला में शिविर लगाकर संदिग्ध गोवंश की जांच की गई और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध
करवाने के साथ टीकाकरण भी किया गया। इसके बाद टीम राजथल पहुंची, जहां पिछले दिनों गोवंश
में लंपी रोग की आशंका सामने आई थी। यहां दो गायों की मौत भी हो चुकी है। टीम ने संदिग्ध
पशुओं की जांच कर सैंपल लिए और आवश्यक टीकाकरण किया।
दलशेर आर्य ने बताया कि कापड़ो गौशाला में भी बीमारी की रोकथाम के लिए शिविर
लगाकर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि लक्षण दिखाई
देने पर घबराएं नहीं और बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखते हुए तत्काल पशुपालन
विभाग से संपर्क करें।
डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि विभाग लंपी रोग को लेकर निगरानी, जांच, टीकाकरण
और उपचार की प्रक्रिया चला रहा है। पशुओं में त्वचा पर गांठें, बुखार, सुस्ती या भूख
में कमी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना दें। लिए गए सैंपलों
की जांच के बाद ही लंपी वायरस की पुष्टि हो सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

