रेवाड़ी में श्मशान भूमि पर ओपन जिम बनाने से ग्रामीण नाराज
रेवाड़ी, 27 सितंबर (हि.स.)। जिले के गांव भाड़ावास में ग्रामीणों को स्वस्थ रखने के उद्देश्य से बनाई गई ओपन जिम अब सवालों के घेरे में है। पंचायत ने जिस स्थान पर जिम का निर्माण कराया है, वह गांव की श्मशान भूमि है। रविवार काे ग्रामीणों ने कहा कि श्मशान परिसर में जिम बनाने से अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने रविवार को बताया कि जिम के उपकरण उसी टीनशेड के नीचे लगाए गए हैं, जहां अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। जिम बनने के बाद टीनशेड में बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिम गांव के अंदर किसी सार्वजनिक स्थान पर बनाई जाती तो बच्चे, युवा और अन्य ग्रामीण इसका बेहतर तरीके से उपयोग कर सकते थे। मौजूदा स्थान को लेकर लोग जिम में व्यायाम करने जाने से भी परहेज कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर रोड के किनारे गांव की करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि है। यहां वर्षों से अंतिम संस्कार होते आ रहे हैं। परिसर में तीन टीनशेड बने हुए हैं। इनमें दो शेड अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यों के लिए हैं, जबकि एक शेड लोगों के बैठने के लिए बनाया गया था।
करीब चार माह पहले पंचायत ने इसी परिसर में ओपन जिम बनाने का काम शुरू कराया। जिम उपकरण लगाने के साथ परिसर में टाइल भी बिछाई गई। इस कार्य पर करीब आठ लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। गांव के सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत गांवों में ओपन जिम बनाई जा रही हैं। इसके लिए करीब 450 वर्ग गज जमीन की आवश्यकता थी। पंचायत के पास अन्य स्थानों पर इतनी बड़ी जगह उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण श्मशान भूमि में जिम बनाने का निर्णय लिया गया। वहीं, डीडीपीओ नरेंद्र ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

