रेवाड़ी में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए बनेंगे 33 विशेष केंद्र

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नौ माह के ब्रिज कोर्स से बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा

रेवाड़ी, 28 मई (हि.स.)। रेवाड़ी जिले में स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत 33 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर बच्चों को अब पहले की तुलना में अधिक समय तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले जहां ब्रिज कोर्स की अवधि छह माह होती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर नौ माह कर दिया गया है, ताकि बच्चे शैक्षणिक रूप से मजबूत होकर सीधे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकें।

जिला परियोजना संयोजक संतोष तंवर ने गुरुवार को बताया कि जिले में 33 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर संचालित करने के लिए मुख्यालय से अनुमति प्राप्त हो चुकी है। अब बच्चों की ट्रेसिंग और सर्वे के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही एजुकेशन वालंटियर की नियुक्ति को लेकर भी विभागीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि ब्रिज कोर्स का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं या कभी स्कूल नहीं जा सके। इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी शैक्षणिक क्षमता विकसित की जाएगी, ताकि वे सामान्य स्कूल शिक्षा के अनुरूप तैयार हो सकें। नौ माह तक चलने वाले इस कोर्स से बच्चों को पढ़ाई में अधिक समय मिलेगा और उनकी बुनियाद मजबूत हो सकेगी।

शिक्षा विभाग के अनुसार जनवरी माह में जिले में 983 बच्चों को आउट ऑफ स्कूल के रूप में चिन्हित किया गया था। वहीं शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान 400 बच्चों को विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया था। इस बार भी सर्वे के आधार पर चिन्हित बच्चों को इन केंद्रों में दाखिला दिया जाएगा। स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में बच्चों को पढ़ाई के साथ.साथ मिड-डे मील, किताबें और स्टेशनरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों की नियमित रूप से शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया जाएगा और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उपयुक्त कक्षा में नजदीकी सरकारी विद्यालय में दाखिला दिलाया जाएगा। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से जिले में स्कूल छोड़ चुके बच्चों की संख्या में कमी आएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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