रेवाड़ी फैक्ट्री अग्निकांड में लापता दो कर्मचारियों के कंकाल मिले
छह दिन बाद सर्च अभियान में मिले अवशेष, होंगे डीएनए सैंपल
रेवाड़ी, 25 मई (हि.स.)। रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जीएलएस केमिकल फैक्ट्री में 19 मई को लगी भीषण आग के छह दिन बाद लापता दो कर्मचारियों के अवशेष मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सर्च अभियान के दौरान फैक्ट्री परिसर से दोनों कर्मचारियों के कंकाल बरामद किए गए हैं। वहीं, इस हादसे में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो चुकी है। अब कंकालों का पोस्टमॉर्टम और डीएनए सैंपल लिए जाएंगे, ताकि पहचान की पुष्टि की जा सके।
बावल थाना प्रभारी फूल सिंह ने सोमवार को बताया कि 19 मई को बावल स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो कर्मचारी लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। रविवार को सर्च अभियान के दौरान दो मानव कंकाल मिले हैं। अब कंकालों का पोस्टमॉर्टम और डीएनए सैंपल लिए जाएंगे, ताकि पहचान की पुष्टि की जा सके।
जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद से बिहार के शेखपुरा निवासी 26 वर्षीय धर्मेन्द्र और नालंदा निवासी सतेन्द्र लापता थे। फैक्ट्री पूरी तरह जलकर खाक हो जाने के कारण उनकी तलाश में लगातार दिक्कत आ रही थी। दोनों कर्मचारियों के परिजन पिछले छह दिनों से कंपनी गेट के बाहर डटे हुए थे और प्रशासन से लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
फैक्ट्री परिसर में चल रहे सर्च अभियान के दौरान वहां से रविवार को दो मानव कंकाल बरामद हुए। इसके बाद प्रशासन ने दोनों परिवारों को इसकी सूचना दी। इस भीषण अग्निकांड में कुल छह कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें कर्मचारी हरीबाबू की इलाज के दौरान पहले ही मौत हो चुकी है। अन्य घायल कर्मचारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से एक कर्मचारी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

