रेवाड़ी अग्निकांड में एक युवक की मौत पर मानवाधिकार आयोग में शिकायत, सुरक्षा ऑडिट की मांग

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रेवाड़ी अग्निकांड में एक युवक की मौत पर मानवाधिकार आयोग में शिकायत, सुरक्षा ऑडिट की मांग


दो कर्मचारी लापता और पांच कर्मचारी उपचाराधीन

रेवाड़ी, 22 मई (हि.स.)। रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जीएलएस केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग का मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश खरखड़ा ने आयोग को शिकायत भेजकर जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और नियमित सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।

गौरतलब है कि बावल के सेक्टर-पांच स्थित जीएलएस केमिकल फैक्ट्री में 19 मई की सुबह अचानक भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भयावह थी कि उसे नियंत्रित करने के लिए रेवाड़ी के अलावा आसपास के जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलानी पड़ी थीं। हादसे में झुलसने से एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है, जबकि पांच कर्मचारी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। इनमें से एक कर्मचारी की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं फैक्ट्री के दो कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो श्रमिकों की सुरक्षा और जीवन के अधिकार का खुला उल्लंघन है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई कंपनियों में सुरक्षा मानक केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गए हैं।

शिकायत में कहा गया कि आग लगने के बाद फैक्ट्री में मौजूद फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह विफल साबित हुए। कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता ने आयोग से मांग की है कि जिले की सभी कंपनियों में व्यापक सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाए, नियमित फायर ऑडिट अनिवार्य किया जाए तथा लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

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