हरियाणा में ड्रोन व एयरोस्पेस में निवेश करेंगी रूसी कंपनियां

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हरियाणा में ड्रोन व एयरोस्पेस में निवेश करेंगी रूसी कंपनियां


-मुख्यमंत्री नायब सैनी सैनी से रूस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात-हरियाणा में बनेंगे उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन, रूस के साथ दो संयुक्त उद्यमों पर चर्चा

चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा को ड्रोन निर्माण, एयरोस्पेस और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। रूस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान हिसार जिले के हांसी स्थित सिसाय में एवीपीएल इंटरनेशनल की ओर से स्थापित ड्रोन सिटी हरियाणा में दो प्रस्तावित भारत-रूस संयुक्त उद्यमों पर चर्चा हुई।

इन प्रस्तावित परियोजनाओं में उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन के निर्माण और भारतीय सेमीकंडक्टर चिप्स के इस्तेमाल से जीपीएस/जीएनएसएस उपग्रह संकेतों पर निर्भरता के बिना ड्रोन के संचालन एवं नेविगेशन की तकनीक विकसित करना शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से हरियाणा में उन्नत ड्रोन निर्माण, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में रूस की कंपनी ओम्नीटेक एलएलसी और एवीपीएल इंटरनेशनल के बीच प्रस्तावित सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत सिसाय स्थित ड्रोन सिटी हरियाणा में उन्नत हेलीकॉप्टर ड्रोन निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना है।

प्रस्तावित परियोजना में मानवरहित हेलीकॉप्टर प्रणालियों के निर्माण, असेंबली, अनुसंधान, परीक्षण और तकनीकी विकास के लिए सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, इन हेलीकॉप्टर ड्रोनों की उड़ान क्षमता 250 किलोमीटर तक और भार वहन क्षमता 200 किलोग्राम तक होगी।

परियोजना का उद्देश्य तकनीक हस्तांतरण, स्वदेशी निर्माण, अनुसंधान और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देना है। इन ड्रोनों का इस्तेमाल औद्योगिक लॉजिस्टिक्स, आपदा प्रबंधन, दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सहित विभिन्न नागरिक एवं औद्योगिक कार्यों में किया जा सकेगा।

बैठक में 4जीएनएसएस एलएलसी/ओरिएंट सिस्टम्स ग्रुप के साथ दूसरे प्रस्तावित भारत-रूस संयुक्त उद्यम पर भी चर्चा हुई। इसके तहत ऐसी उन्नत ड्रोन नेविगेशन तकनीक विकसित करने की योजना है, जो जीपीएस/जीएनएसएस उपग्रह संकेत उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी काम कर सके। इस तकनीक के विकास में भारतीय सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग प्रस्तावित है।

रूस के चार और भारत के दो वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। रूसी प्रतिनिधिमंडल में स्कोल्कोवो फाउंडेशन के निदेशक लियोनिद आर्टेमोव, प्रोजेक्ट मैनेजर अलेक्जेंडर जापोरोज्स्की, ओम्नीटेक एलएलसी के सीईओ एलेक्सी उर्बान्स्की तथा 4जीएनएसएस एलएलसी/ओरिएंट सिस्टम्स ग्रुप के सीईओ एवं सह-संस्थापक सर्गेई लेबेदेव शामिल थे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कुमार आनंद और एवीपीएल इंटरनेशनल (एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड) के संस्थापक एवं चेयरमैन दीप सिंह सिसाय शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग और प्रस्तावित संयुक्त उद्यमों के जरिए हरियाणा में उन्नत ड्रोन निर्माण का मजबूत औद्योगिक तंत्र विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को ड्रोन निर्माण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने पर जोर दिया। सिसाय स्थित ड्रोन सिटी हरियाणा को इसी दिशा में राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
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