सोनीपत में बारिश के बीच जर्जर मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर जेठानी-देवरानी की मौत
सोनीपत, 08 जुलाई (हि.स.)। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार तड़के एक जर्जर मकान की छत गिरने से जेठानी और देवरानी की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के समय दोनों महिलाएं कमरे में सो रही थीं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों
की पहचान 55 वर्षीय बिमला और 52 वर्षीय सुनील रानी के रूप में हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों मंगलवार
रात भोजन करने के बाद पुराने मकान में सोने चली गई थीं। लगातार बारिश के कारण मकान
पहले से कमजोर हो चुका था। आधी रात के बाद अचानक पूरी छत भरभराकर गिर गई। हादसे के
समय परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह
करीब साढ़े चार बजे जब परिवार के सदस्य दोनों महिलाओं को चाय देने पहुंचे तो कमरे की
छत गिरी हुई मिली। दोनों महिलाएं मलबे के नीचे दबी थीं। यह दृश्य देखकर परिवार में
चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और कस्सी,
फावड़े तथा अन्य साधनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद
दोनों के शव बाहर निकाले गए।
ग्रामीणों
ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से पुराने मकान की दीवारें और मिट्टी की छत कमजोर
हो गई थीं। इसी कारण यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर
पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए
खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला जर्जर
मकान की छत गिरने से हुए हादसे का सामने आया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को
सौंप दिए जाएंगे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

