रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा 29 को प्रदेशभर में करेगा प्रदर्शन

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चंडीगढ़, 23 मई (हि.स.)। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने विभाग के निजीकरण, कर्मचारियों की भारी कमी और लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की है। आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मायाराम उनियाल ने आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज विभाग को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर निजीकरण की ओर कदम बढ़ा रही है।महासचिव बलदेव सिंह मामू माजरा, कोषाध्यक्ष रघुवीर पंजाबी, उप महासचिव जोगिंदर दुल और प्रेस प्रवक्ता रंजीत करोड़ा ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, सफाई कर्मचारी और वॉशिंग कर्मचारियों के हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई डिपो में बसें समय पर मरम्मत न होने के कारण वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं और जनता परिवहन सुविधा से वंचित हो रही है। इसके बावजूद सरकार नियमित भर्ती करने के बजाय महंगी दरों पर ठेके की इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल कर रही है, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

यूनियन ने आरोप लगाया कि ठेके की इलेक्ट्रिक बसों में बुजुर्गों, विद्यार्थियों और आम जनता को रोडवेज की सरकारी बसों जैसी रियायती व मुफ्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। साथ ही सरकारी परिचालकों को इन बसों पर लगाने से विभाग में परिचालकों की कमी और बढ़ गई है।

सांझा मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 29 मई को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 5 जून से 16 जुलाई तक हिसार, अंबाला, गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और फरीदाबाद में कमिश्नरों के माध्यम से परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बावजूद सरकार ने विभाग और कर्मचारी विरोधी नीतियां वापस नहीं लीं तो 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के अंबाला छावनी स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियां दूर करने, खाली पदों पर नियमित भर्ती, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, जोखिम भत्ता, ओवरटाइम भुगतान और कैशलेस मेडिकल सुविधा सहित अनेक मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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