हिसार : बीमा कर्मी बताकर साइबर ठगों ने सेवानिवृत सूबेदार से कर डाली 15 लाख से ज्यादा की ठगी
साइबर पुलिस थाना ने केस दर्ज करके जांच शुरू
की
हिसार, 21 फरवरी (हि.स.)। खुद को बीमा कंपनी
का कर्मचारी बताकर पॉलिसी की बकाया राशि ब्याज सहित लौटाने का झांसा देकर साइबर ठगों
ने सेवानिवृत सूबेदार से 15 लाख से अधिक की ठगी कर ली। ठगी का शिकार हुए लगभग 69 वर्षीय
रिटायर्ड सूबेदार करण सिंह शहर के कैंट क्षेत्र में रहते हैं।
साइबर पुलिस को दर्ज करवाई शिकायत में सूबेदार
करण सिंह ने शनिवार काे कहा कि उन्होंने वर्ष 2010 में मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस की आठ
लाख रुपए की पॉलिसी ली थी, जो 2020 में पूरी हुई। उन्हें उम्मीद से कम रकम मिली थी।
इसी बात का फायदा उठाते हुए पिछले वर्ष 22 सितंबर को सीमा नामक एक महिला ने फोन किया
और कहा कि उनकी पॉलिसी का बाकी पैसा कंपनी में जमा है, जो वापस मिल सकता है। इसके बाद
राजीव शर्मा नामक व्यक्ति ने खुद को कंपनी एजेंट बताकर संपर्क किया और कहा कि पॉलिसी
की कुल 13 लाख 28 हजार रुपए की राशि ब्याज सहित बनती है, लेकिन इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन
फीस जमा करनी होगी। ऐसा झांसा देते हुए आरोपियों ने अलग-अलग तरह से विभिन्न बैंक खातों
में पैसे ट्रांसफर करवाए। सबसे पहले 17 अक्टूबर 2025 को 17 हजार 928 रजिस्ट्रेशन फीस
के लिए रुपए लिए। इसके बाद पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को कोड जनरेट शुल्क के लिए 44 हजार
980, 7 नवंबर को एडिशनल अमाउंट रिलीज शुल्क के 87 हजार 884, 21 नवंबर को एक लाख 52
हजार 400, 28 नवंबर को 92 हजार 017, दो दिसंबर को 92 हजार 17 रुपये, 10 दिसंबर को एक
लाख 66 हजार 826, 26 दिसंबर को 2 लाख 35 हजार 339 के अलावा इस वर्ष 9 जनवरी 2026 को
दो लाख रुपये, 12 जनवरी को 2 लाख 70 हजार रुपये और 15 जनवरी को एक लाख 56 हजार 943
की राशि खातों में डलवा ली। इस प्रकार कुल 15 लाख 16 हजार 338 रुपए आरोपियों ने अलग-अलग
बहानों जैसे ऑडिट चार्ज, कोड, सरकारी शुल्क, अतिरिक्त लाभ आदि के नाम पर वसूल लिए।
जब पीड़ित को शक हुआ तो आरोपियों ने नया पैंतरा
अपनाया। संगीता और चिंतामणि नाम से फोन कर खुद को जीवन बीमा सुधार केंद्र, हैदराबाद
का अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि एजेंट ने गलत कागजात बना लिए हैं और पूरी
राशि करीब 18.40 लाख रुपए वापस दिलाई जाएगी, लेकिन पहले और शुल्क देना होगा। शिकायतकर्ता
ने अपनी जमा पूंजी, पेंशन पर लिए गए 3.30 लाख रुपए के पर्सनल लोन और पड़ोसियों से उधार
लेकर रकम जमा कराई। इसके बावजूद न तो पॉलिसी का पैसा मिला और न ही जमा कराई गई राशि
वापस हुई। उल्टा आरोपी और पांच लाख रुपये की मांग करने लगे।
जब पीड़ित ने अपने छोटे बेटे को पूरी बात बताई
तो उसे साइबर ठगी का शक हुआ। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (एनसीसीआरपी)
पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने केस दर्ज करके छानबीन आरंभ कर दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

