हिसार : 1134 करोड़ की एफएसए वसूली याचिका खारिज, बिजली उपभोक्ताओं को राहत: संपत सिंह
निगमों की देरी और प्रशासनिक लापरवाही का
बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा सकता
हिसार, 01 अक्टूबर (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व
मंत्री प्रो. संपत सिंह ने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली निगमों
की 1134.54 करोड़ रुपये की फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट राशि की वसूली संबंधी याचिका खारिज
किए जाने से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने
आयोग के समक्ष इस याचिका पर आपत्ति दर्ज कराते हुए तर्क दिया था कि बिजली कंपनियां
कानून और निर्धारित समय-सीमा की अनदेखी कर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं
डाल सकतीं।
गुरुवार काे जारी बयान में प्रो. संपत सिंह ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली
वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा नवंबर 2025 की एफएसए राशि की
वसूली का प्रयास किया गया था। उनके अनुसार यह राशि निर्धारित समय में बिजली बिलों में
शामिल नहीं की गई, जिसके कारण जनवरी 2026 में नियमों के अनुसार यह राशि जब्त हो गई
थी। इसके बावजूद दोबारा इसकी वसूली का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा
इस राशि की दोबारा वसूली की अनुमति नहीं देना उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण फैसला
है। बिजली वितरण कंपनियों को निर्धारित नियमों और समय-सीमा का पालन करना चाहिए। निगमों
की देरी अथवा प्रशासनिक लापरवाही का आर्थिक बोझ आम बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा
सकता।
प्रो. संपत सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 से उपभोक्ताओं
को मिलने वाले कई नकारात्मक फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट का लाभ नहीं दिया गया है। उन्होंने
कहा कि वित्त वर्ष 2027-28 के अनुमानित वार्षिक राजस्व प्राप्तियों पर होने वाली आगामी
सुनवाई में भी वे इन मुद्दों को उठाएंगे।उन्होंने कहा कि फिक्स्ड चार्ज, बढ़ते बिजली
शुल्क और नगर निकायों के टैक्स से घरों तथा छोटे कारोबारों पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ
को भी आगामी सुनवाई में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली दरों और नियामकीय याचिकाओं
की प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों से समझौता न हो। उनका
कहना था कि जनता का पैसा जनता के हित में ही रहना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

