रेडक्रॉस की कार्रवाई: फर्स्ट एड ट्रेनिंग में फर्जीवाड़े की शिकायतों पर बदला टेंडर
चंडीगढ़, 01 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने फर्स्ट एड ट्रेनिंग से संबंध में बड़ा फैसला लेते हुए फर्स्ट एड ट्रेनिंग टेंडर में बदलाव कर दिया है। टेंडर बदलाव के बाद विवाद बढ़ा तो पुरानी कंपनी ने हेंडओवर देने से भी इंकार कर दिया है। हरियाणा में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन बेसिक फर्स्ट एड प्रशिक्षण जरूरी है। वर्ष 2020 से सेफडॉट ई-सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। कंपनी का अनुबंध अगस्त 2025 में समाप्त हो गया था, लेकिन आम नागरिकों की सुविधा के लिए नई एजेंसी के चयन तक उसे कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई थी।
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने फर्स्ट एड ट्रेनिंग में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी की। हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ समय से जिला शाखाओं से ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। आरोप थे कि प्रशिक्षण व्यवस्था संतोषजनक नहीं है, पोर्टल तकनीकी रूप से अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं कर रहा और प्राथमिक सहायता प्रमाणपत्रों की डुप्लीकेट प्रतियां अवैध रूप से जारी किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आईं। इन शिकायतों के आधार पर सभी 22 जिला शाखाओं से समीक्षा रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें 17 जिलों ने सेवाओं को लेकर असंतोष व्यक्त किया। झज्जर जिला शाखा में प्रशिक्षण संबंधी अनियमितताओं का मामला सार्वजनिक होने के बाद संबंधित प्रकरण में कार्रवाई भी की गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए नई एजेंसी यह कार्य अलाट कर दिया गया।
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने बताया कि फर्स्ट एड ट्रेनिंग में हो रहे फर्जीवाड़े पर काबू पाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। क्योंकि पूर्व एजेंसी का अनुबंध अगस्त 2025 में समाप्त हो गया था, लेकिन प्रशिक्षण व्यवस्था बाधित न हो, इसलिए नई एजेंसी के चयन तक उसे सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी गई। बाद में वेबसाइट, डोमेन, सर्वर, सोर्स कोड और अन्य तकनीकी अधिकार रेडक्रॉस को सौंपने के निर्देश दिए गए, लेकिन संस्था का आरोप है कि पुरानी कंपनी ने हैंडओवर करने से इंकार कर दिया। वहीं, सेफडॉट ई-सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर जसबीर का कहना है कि कंपनी की ओर से रेडक्रॉस को प्रतिवेदन भेजकर टेंडर रद्द करने के कारणों बारे पूछा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

