झज्जर : नगर परिषद ने करवाई कुत्ताें की नसबंदी अब हाेगी जांच

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एसीबी के एसपी ने झज्जर उपायुक्त काे भेजी शिकायत

झज्जर, 15 जनवरी (हि.स.)। बहादुरगढ़ शहर में कुत्तों की कथित अवैध नसबंदी से संबंधित मामला अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच के दायरे में आ गया है। मामले में संज्ञान लेते हुए रोहतक रेंज के स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक ने झज्जर के उपायुक्त को शिकायत भेजते हुए तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है। जिसे इलाके के के पशु प्रेमियों ने सही कदम बताया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बहादुरगढ़ क्षेत्र में कथित रूप से अवैध एबीसी ऑपरेशनों से संबंधित एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के बाद यह सामने आया है कि यह मामला झज्जर जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए आवश्यक कार्रवाई के लिए इस शिकायत को उपायुक्त झज्जर को अग्रेषित किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने उपायुक्त से इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वहीं, इस पत्र की एक प्रति शिकायतकर्ता अधिवक्ता नवीन सिंगल को भी सूचना के लिए भेज दी गई है।

दरअसल, कुछ समय पहले ही नगर परिषद की ओर से शहर में 36 लाख रुपये में तीन हजार कुत्तों की नसबंदी करने का ठेका नैन फाउंडेशन को दिया था। दिसंबर माह में एजेंसी ने यहां नसबंदी के लिए कुत्ते पकड़ने शुरू किए तो विवाद गहरा गया। एजेंसी पर नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके काम करने के आरोप लगे, जिसके बाद फिलहाल यह काम रुका हुआ है। उधर, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं जीव प्रेमी नवीन सिंगल ने मामले में शहरी स्थानीय निकाय विभाग, विजिलेंस और पशु कल्याण से जुड़े आठ विभागों के उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि बहादुरगढ़ में कुत्तों की नसबंदी का ठेका ऐसी संस्था को दे दिया गया, जिसके पास पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के तहत आवश्यक एडब्ल्यूबीआई की मान्यता ही नहीं है। मान्यता के बिना ही अभियान शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुत्तों को अवैध तरीके से पकड़कर 50 किलोमीटर से अधिक दूर ले जाया गया, जो एक तरह से क्रूरता है। इस कार्रवाई के बाद जीव प्रेमियों को बहादुरगढ़ में पशु कल्याण से जुड़े कथित अवैध कार्यों पर प्रशासनिक सख्ती की उम्मीद बढ़ गई है। एडवोकेट नवीन सिंगल ने कहा कि ठेका देने की पूरी प्रक्रिया और मामले में संलिप्त तमाम लोग जांच के दायरे में आते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज

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