पानीपत: बलात्कार के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा
पानीपत, 05 जून (हि.स.)। पानीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शादी का झांसा देकर एक 21 वर्षीय युवती के साथ लगातार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के गंभीर मामले में फैसला सुनाया है। न्यायाधीश अम्बरदीप सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार मानते हुए आरोपी दीपक को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी दीपक को 10 वर्ष की कठोर कारावास और 20,000 के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा काटनी होगी।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, यह मामला 16 अगस्त 2024 का है। पीड़ित युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पानीपत के बलजीत नगर का रहने वाला आरोपी दीपक उसका पड़ोसी था और करीब 4-5 साल से उसे जानता था। आरोपी दीपक ने युवती से वादा किया था कि वह अपनी पहली पत्नी को छोड़ देगा और उससे शादी कर लेगा। इस झांसे में रखकर आरोपी पिछले 3-4 वर्षों से उसके घर और गंगापुरी रोड स्थित एक फैक्ट्री में लगातार शारीरिक संबंध बना रहा था, जिससे युवती गर्भवती हो गई।
यही नहीं, आरोपी ने शादी का डर दिखाकर युवती से करीब ₹1.50 लाख भी ऐंठ लिए थे और बाद में शादी करने से साफ मुकर गया था। चांदनीबाग थाना पुलिस ने 16 अगस्त को आरोपी के खिलाफ धारा 376 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर उसे 18 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान मधुबन फॉरेंसिक लैब ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया अपनाई।
चूंकि पीड़िता गर्भवती थी, इसलिए एफएसएल ने बच्चे के जन्म के बाद आरोपी, पीड़िता और नवजात शिशु के रक्त के सैंपल एक साथ मिलान के लिए भेजने के निर्देश दिए थे। 25 सितंबर 2024 को पीड़िता की डिलीवरी होने के बाद, पुलिस ने जच्चा-बच्चा और आरोपी के ब्लड सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे। इस वैज्ञानिक डीएनए रिपोर्ट ने अदालत के सामने आरोपी के झूठ की पोल खोल दी और डीएनए टैस्ट मजबूत साक्ष्य बना। जिसके आधार पर आरोपी को सजा मिली है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

