महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से मानवता को जीवन जीने का मार्ग दिखाया : नायब सिंह सैनी

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महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से मानवता को जीवन जीने का मार्ग दिखाया : नायब सिंह सैनी


-संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत कबीर कुटीर में मनाई गई महर्षि वाल्मीकि की राज्यस्तरीय जयंती

चंडीगढ़, 26 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से संसार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराया। उनकी रचना केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि युगों-युगों तक मानवता को जीवन जीने का मार्ग दिखाने वाली है। महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें धैर्य, परिश्रम, अटूट विश्वास, करुणा, शिक्षा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत कबीर कुटीर में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जी की राज्यस्तरीय जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में निर्माणाधीन वाल्मीकि छात्रावास के लिए 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, साथ ही कहा कि शीघ्र ही छात्रावास के भूमि पूजन के अवसर पर वहां जाएंगे।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ऐसे महान संत थे, जिन्होंने अंधकार में ज्ञान का दीप जलाया। कठिन समय में माता सीता को अपने आश्रम में स्थान देने के साथ-साथ उन्होंने उनके बच्चों को उच्च शिक्षा और संस्कार प्रदान किए। शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को एक अलग पहचान मिली।

भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनका राज्याभिषेक होना था, उस समय उन्हें वनवास जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने जाति से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाओं के प्रति श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए। किसी व्यक्ति के साथ जन्म, जाति, आर्थिक स्थिति या काम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य उनके विचारों और संदेशों को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाना है, ताकि युवा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग तथा छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि धन की कमी के कारण किसी भी बच्चे की प्रतिभा उसकी राह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में हाल ही में हुई पुलिस की भर्ती के दौरान समाज के 604 बच्चों का हरियाणा पुलिस में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चे आगे बढ़ रहे हैं और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से समाज को शिक्षा, सत्य, अच्छे कर्म और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
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