कैथल: बारिश ने मंडियों में धान की फसल पर फेरा पानी, खुले में पड़ी लाखों क्विंटल उपज भीगी

WhatsApp Channel Join Now
कैथल: बारिश ने मंडियों में धान की फसल पर फेरा पानी, खुले में पड़ी लाखों क्विंटल उपज भीगी


कैथल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में गुरुवार सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई, वहीं मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी लाखों क्विंटल धान की उपज भीग गई। पहले ही पीआर धान की खरीद में देरी और एमएसपी नहीं मिलने की शिकायतों से परेशान किसान अब बारिश से हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

किसानों का कहना है कि छह महीने की मेहनत से तैयार की गई फसल अब आंखों के सामने खराब हो रही है, लेकिन मंडियों में उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। जिले की कैथल, गुहला, सीवन, कलायत, राजौंद, पूंडरी और ढांड की मंडियों में बारिश का असर देखने को मिला। सबसे ज्यादा नुकसान खुले में ढेरियां लगाकर रखे गए धान को हुआ। जिन किसानों की फसल शेड के नीचे रखी थी, उसे अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ। सुबह अचानक मौसम बिगड़ने के कारण किसानों और आढ़तियों को धान पर तिरपाल डालने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। किसानों का आरोप है कि मंडियों में तिरपाल और पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से स्थिति और खराब हो गई। कई जगह पानी के बहाव के साथ धान बहने की भी शिकायत सामने आई।

बारिश के बाद अब भीगे हुए धान की खरीद में भी देरी होने की आशंका है। किसानों के अनुसार, फसल सूखने और नमी निर्धारित सीमा में आने तक खरीद प्रभावित रह सकती है। इससे मंडियों में पहले से जगह की कमी झेल रहे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। कैथल की मंडियों में बोरियों में भरे धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है, जिससे उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है।

जिले में बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कैथल में 28 एमएम, पूंडरी में 38 एमएम और गुहला में 16 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने के साथ सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता भी बढ़ गई। सीवन क्षेत्र में हजारों एकड़ में लगी सब्जियों की फसलों में पानी भरने की बात सामने आई है। इससे सब्जी उत्पादकों को भी आर्थिक नुकसान की आशंका है।

किसानों ने आरोप लगाया कि ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि इस बार धान की फसल तैयार करने के लिए किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ी। शुरुआत में बारिश नहीं होने के कारण फसल को संभालना मुश्किल रहा और अब कटाई के बाद मंडियों में खरीद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दोनों किसानों के अनुसार, वे करीब दस दिन से मंडी में धान लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो रही। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी फसल में नमी 17 प्रतिशत होने के बावजूद खरीद एजेंसियां धान खरीदने से बच रही थीं। उनका कहना है कि पीआर धान की खरीद में कटौती की शिकायतें पहले से हैं और अब बारिश ने नुकसान और बढ़ा दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

761554 Articles

Share this story