हिसार : रेलवे के बीकानेर रेल मंडल ने रचा कीर्तिमान: 2025-26 में लक्ष्य से अधिक आय
मालभाड़े से प्राप्त आय में अप्रत्याशित
वृद्धि
हिसार, 22 अप्रैल (हि.स.)। बीकानेर
मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में बीकानेर मंडल की आय में
निरंतर वृद्धि हो रही है। मंडल पर इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह तक आरक्षित
तथा अनारक्षित टिकटों की बिक्री से 616.80 करोड रुपए की आय हुई है, जबकि पिछले वित्तीय
वर्ष 2024-25 में मार्च माह तक 602.77 करोड़ रूपये की आय हुई। इस प्रकार गत वित्तीय
वर्ष की तुलना में इस वर्ष 2.33 प्रतिशत की अधिक आय प्राप्त हुई है। इसी प्रकार मंडल
पर अन्य कोचिंग से इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह तक 78.67 करोड रुपए की आय
हुई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क
अधिकारी अमित सुदर्शन ने बुधवार को बताया कि अन्य विविध स्रोतों से इस वित्तीय वर्ष
2025-26 में मार्च माह तक 297.92 करोड रुपए की आय हुई है जबकि गत वित्तीय वर्ष
2024-25 में मार्च माह तक 279.13 करोड़ रूपये की आय हुई है। इस प्रकार गत वित्तीय वर्ष
की तुलना में इस वर्ष 6.73 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैl इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में
मार्च माह तक बीकानेर मंडल की कुल आय 1609.96 करोड रुपए है, जबकि गत वित्तीय वर्ष
2024-25 में मार्च माह तक 1519.23 करोड़ रूपये
थी। इस प्रकार गत वितीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष 5.97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मंडल पर मालभाड़े से प्राप्त आय में
अप्रत्याशित वृद्धि
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन
के अनुसार बीकानेर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह तक मालभाड़े से प्राप्त
आय में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की है। मंडल द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल
616.56 करोड़ का माल राजस्व दर्ज किया गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में
555.85 करोड़ की आय हुई थी। इस प्रकार पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय
वर्ष 2025-26 में लगभग 10.92 प्रतिशत की अधिक आय हुई है। मंडल द्वारा रेल आधारित माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों
एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से निरंतर संवाद स्थापित किया जा रहा है। साथ ही, माल ढुलाई
प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
एक जानकारी में उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह तक
487.48 करोड़ यात्रियों ने मंडल पर रेल यात्रा की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

